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Current Affairs - Daily 1 अक्टूबर 2026

अंतरिक्ष अभियानों में परमाणु ऊर्जा: सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नियम

चंद्रमा और गहरे अंतरिक्ष में लंबे अभियानों के लिए परमाणु ऊर्जा विश्वसनीय शक्ति प्रदान कर सकती है, लेकिन इसके लिए मजबूत सुरक्षा मानकों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।

अंतरिक्ष में परमाणु ऊर्जा: सुरक्षा और जिम्मेदार उपयोग

चर्चा में क्यों?

  • चंद्रमा पर स्थायी गतिविधियों और गहरे अंतरिक्ष अभियानों की बढ़ती योजनाओं के कारण विश्वसनीय ऊर्जा स्रोत के रूप में परमाणु ऊर्जा पर ध्यान बढ़ रहा है। 

अंतरिक्ष में परमाणु ऊर्जा

  • रेडियोआइसोटोप प्रणालियाँ: RTG मुख्यतः प्लूटोनियम-238 के प्राकृतिक क्षय से उत्पन्न ऊष्मा को बिजली में बदलते हैं, जबकि Radioisotope Heater Units बिना बिजली बनाए केवल ऊष्मा प्रदान करते हैं। 
  • विखंडन रिएक्टर: नियंत्रित परमाणु अभिक्रिया के माध्यम से अधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न करते हैं और भविष्य में चंद्रमा या मंगल पर बेस के लिए उपयोगी हो सकते हैं। 
  • न्यूक्लियर थर्मल प्रोपल्शन (NTP): इसमें परमाणु रिएक्टर की सहायता से प्रोपेलेंट को गर्म करके थ्रस्ट उत्पन्न किया जाता है। यह प्रणोदन की दक्षता बढ़ाकर मंगल ग्रह तक यात्रा का समय कम कर सकता है। अमेरिका का DRACO कार्यक्रम NTP तकनीक के विकास पर कार्य कर रहा है। 
  • न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन (NEP): इसमें रिएक्टर से प्राप्त विद्युत ऊर्जा द्वारा प्रोपेलेंट को आयनित और त्वरित किया जाता है। यह कम लेकिन अत्यधिक दक्ष और लंबे समय तक निरंतर थ्रस्ट प्रदान करता है। यह गहरे अंतरिक्ष के प्रोब और कार्गो मिशनों के लिए उपयोगी है।

परमाणु ऊर्जा की आवश्यकता

  • सूर्य से दूरी बढ़ने पर सौर ऊर्जा की प्रभावशीलता कम होती है और कुछ स्थायी रूप से अंधेरे या अत्यधिक ठंडे क्षेत्रों में इसका उपयोग कठिन है। 
  • परमाणु प्रणालियाँ आवास, जीवन-समर्थन, संचार और वैज्ञानिक उपकरणों के लिए लगातार ऊर्जा उपलब्ध करा सकती हैं। 
  • भारत ने भी भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए RTG तकनीक पर काम शुरू किया है। 

सुरक्षा और कानूनी ढाँचा

  • परमाणु प्रणालियों को लॉन्च विफलता, आकस्मिक पुनःप्रवेश और विकिरण जोखिम का सामना करने योग्य बनाया जाना आवश्यक है। 
  • 1978 की Cosmos 954 दुर्घटना ने पृथ्वी पर रेडियोधर्मी पदार्थ के वापस आने से जुड़े जोखिम को उजागर किया। 
  • Outer Space Treaty, 1967 अनुच्छेद IV: पृथ्वी की कक्षा, खगोलीय पिंडों या बाह्य अंतरिक्ष में परमाणु हथियारों और सामूहिक विनाश के हथियारों (WMDs) की तैनाती पर प्रतिबंध लगाता है। यह संधि शांतिपूर्ण अंतरिक्ष गतिविधियों में परमाणु तकनीक के उपयोग पर प्रतिबंध नहीं लगाती। 
  • 1992 के UN Principles गैर-प्रणोदन उद्देश्यों के लिए उपयोग होने वाले परमाणु ऊर्जा स्रोतों की सुरक्षा और सूचना-साझाकरण से जुड़े दिशानिर्देश देते हैं। 
  • 2009 का UN-COPUOS–IAEA Safety Framework लॉन्च, संचालन और मिशन की समाप्ति के दौरान सुरक्षा संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करता है। 

प्रमुख कानूनी एवं पर्यावरणीय चुनौतियाँ

  • रेडियोधर्मी प्रदूषण: दुर्घटना की स्थिति में चंद्रमा या मंगल का वातावरण रेडियोधर्मी पदार्थों से दूषित हो सकता है और वैज्ञानिक अनुसंधान प्रभावित हो सकता है। 
  • सुरक्षा क्षेत्र: परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास बनाए गए निषिद्ध क्षेत्र राष्ट्रीय अधिग्रहण और अन्य देशों की पहुँच से संबंधित प्रश्न उत्पन्न कर सकते हैं। 
  • अंतरराष्ट्रीय तनाव: परमाणु दुर्घटनाएँ या परमाणु तकनीक के संभावित हथियारीकरण की आशंका राजनयिक तनाव बढ़ा सकती है। 
  • असुरक्षित परीक्षण: सार्वभौमिक सुरक्षा मानकों की कमी से असंगत सुरक्षा प्रथाएँ और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।

आगे की राह

  • उच्च-शक्ति वाले रिएक्टरों और परमाणु प्रणोदन जैसी नई तकनीकों को देखते हुए मौजूदा नियमों को मजबूत करने की आवश्यकता हो सकती है। 
  • साझा सुरक्षा मानक, कठोर परीक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग अंतरिक्ष में परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित और जिम्मेदार विस्तार के लिए महत्वपूर्ण हैं।

 

अभ्यास प्रश्न 

प्रश्न. अंतरिक्ष में परमाणु ऊर्जा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. रेडियोआइसोटोप हीटर यूनिट (RHU) मुख्यतः प्लूटोनियम-238 के प्राकृतिक क्षय से विद्युत उत्पन्न करते हैं, जबकि रेडियोआइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर (RTG)  विद्युत उत्पन्न किए बिना ऊष्मा प्रदान करते हैं। 
  2. न्यूक्लियर थर्मल प्रोपल्शन (NTP) रिएक्टर से प्राप्त विद्युत ऊर्जा का उपयोग प्रोपेलेंट को आयनित और त्वरित करने के लिए करता है तथा कम लेकिन अत्यधिक दक्ष निरंतर थ्रस्ट प्रदान करता है। 
  3. बाह्य अंतरिक्ष संधि, 1967 का अनुच्छेद IV बाह्य अंतरिक्ष में परमाणु हथियारों और सामूहिक विनाश के हथियारों पर प्रतिबंध लगाता है, लेकिन शांतिपूर्ण अंतरिक्ष गतिविधियों में परमाणु तकनीक के उपयोग पर प्रतिबंध नहीं लगाता। 
  4. 2009 का UN-COPUOS–IAEA Safety Framework परमाणु ऊर्जा स्रोतों से संबंधित मिशनों के प्रक्षेपण, संचालन और मिशन-समापन के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करता है। 

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(a) केवल 1, 2 और 3
(b) केवल 3 और 4
(c) केवल 2 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (b) केवल 3 और 4

व्याख्या

  • RTG मुख्यतः प्लूटोनियम-238 के प्राकृतिक क्षय से विद्युत उत्पन्न करता है, जबकि RHU बिना विद्युत उत्पन्न किए ऊष्मा प्रदान करता है। अतः कथन 1 सही नहीं है। 
  • प्रोपेलेंट को आयनित और त्वरित करने का कार्य NEP करता है, NTP नहीं। अतः कथन 2 गलत है
  • बाह्य अंतरिक्ष संधि, 1967 के अनुच्छेद IV में परमाणु हथियारों/WMDs पर प्रतिबंध है, लेकिन शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के अंतरिक्ष उपयोग पर प्रतिबंध नहीं है। अतः कथन 3 सही है। 

2009 UN-COPUOS–IAEA Safety Framework प्रक्षेपण, संचालन और मिशन-समापन के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश प्रदान करता है। अतः कथन 4 सही है।