2100 तक वैश्विक स्वास्थ्य के लिए 17 विनाशकारी खतरे: लैंसेट आयोग
लैंसेट आयोग ने 2100 तक वैश्विक स्वास्थ्य और मानव अस्तित्व को प्रभावित करने वाले 17 परस्पर जुड़े खतरों की पहचान की है। आयोग ने स्वास्थ्य, जलवायु, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और तकनीक को एक साथ देखकर दीर्घकालिक तैयारी पर जोर दिया है।
लैंसेट आयोग ने वैश्विक स्वास्थ्य के लिए 17 विनाशकारी खतरों की पहचान की
खबरों में क्यों?
- लैंसेट आयोग ने 2100 तक वैश्विक स्वास्थ्य और मानव अस्तित्व को प्रभावित करने वाले 17 परस्पर जुड़े खतरों की पहचान की है।
- यह रिपोर्ट बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड हेल्थ समिट में जारी की गई।
- आयोग ने 204 देशों और क्षेत्रों में मौजूद जोखिमों का अध्ययन किया।
- इसके अनुसार, इन खतरों को अलग-अलग देखने के बजाय उनके बीच के संबंधों को समझकर एकीकृत तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
17 प्रमुख खतरे
- आयोग द्वारा पहचाने गए प्रमुख खतरे हैं:
- मोटापा
- रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR)
- खराब मानसिक स्वास्थ्य
- उच्च रक्तचाप
- बाल कुपोषण
- धूम्रपान
- अस्वस्थ वृद्धावस्था
- आय असमानता
- निम्न शैक्षिक स्तर
- जलवायु परिवर्तन
- वायु प्रदूषण
- प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाली महामारियां
- पारंपरिक सशस्त्र संघर्ष
- परमाणु संघर्ष
- AI का दुर्भावनापूर्ण उपयोग
- स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता में कमी
- अत्यधिक शराब का सेवन
प्रमुख निष्कर्ष
- किसी खतरे को विनाशकारी तब माना गया जब उससे 2100 तक कम-से-कम 1 अरब Disability-Adjusted Life Years (DALYs) का नुकसान होने की संभावना हो और नीतिगत हस्तक्षेप से उसके प्रभाव को कम किया जा सके।
- मोटापा सबसे बड़े संभावित स्वास्थ्य बोझ के रूप में सामने आया। प्रभावी उपायों से लगभग 23.1 अरब DALYs के नुकसान को रोका जा सकता है।
- शिक्षा में सुधार से लगभग 16.1 अरब DALYs के नुकसान को रोका जा सकता है।
- आय असमानता से लगभग 13.8 अरब DALYs का स्वास्थ्य बोझ पैदा हो सकता है, जो लगभग 25 COVID-19 महामारियों के बराबर है।
- वैश्विक तापमान वृद्धि को 4.4°C के बजाय लगभग 1.8°C तक सीमित करने से गर्मी और वायु प्रदूषण से जुड़े लगभग 1.89 अरब DALYs के नुकसान को रोका जा सकता है।
- परमाणु संघर्ष और AI के दुर्भावनापूर्ण उपयोग की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी गई है, लेकिन इनके परिणाम बेहद गंभीर और व्यापक हो सकते हैं।
भारत के लिए महत्व
- भारत को महामारी, AMR, जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम, कुपोषण, मोटापा और मानसिक स्वास्थ्य जैसी समस्याओं के लिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य योजना बनानी चाहिए।
- स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के साथ टीके, एंटीबायोटिक्स और जलवायु तकनीकों में निवेश आवश्यक है।
- भारत को महामारी की तैयारी, AI सुरक्षा और वैश्विक स्वास्थ्य शासन जैसे मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
- रिपोर्ट का मुख्य संदेश है कि स्वास्थ्य संबंधी खतरे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए उन्हें अलग-अलग नहीं बल्कि एकीकृत और रोकथाम-आधारित दृष्टिकोण से संबोधित करना चाहिए।
रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR)
- AMR, जिसे अक्सर “साइलेंट महामारी” कहा जाता है, तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं।
- इससे “सुपरबग” पैदा हो सकते हैं, जिनसे होने वाले संक्रमण का इलाज कठिन हो जाता है और उनके फैलने का खतरा बढ़ता है।
- यह प्राकृतिक विकास की प्रक्रिया है, लेकिन मानवीय गतिविधियों ने इसे तेज कर दिया है।
- प्रमुख तंत्र हैं:
- दवा के प्रवेश को रोकना।
- दवा के लक्ष्य में बदलाव करना।
- Efflux Pumps द्वारा दवा को कोशिका से बाहर निकालना।
- Beta-lactamase जैसे एंजाइमों से दवा को निष्क्रिय करना।
- प्रमुख कारण हैं एंटीमाइक्रोबियल का अत्यधिक/गलत उपयोग, वायरल रोगों में एंटीबायोटिक लेना, OTC दवाएं, ब्रॉड-स्पेक्ट्रम एंटीबायोटिक्स, औद्योगिक अपशिष्ट, पशुपालन में एंटीबायोटिक और खराब स्वच्छता।
विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन (WHS)
- विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन (WHS) वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय और बहु-हितधारक मंच है।
- इसका आयोजन हर वर्ष बर्लिन, जर्मनी में होता है।
- इसे WHS Foundation GmbH द्वारा आयोजित किया जाता है, जो Charité - Universitätsmedizin Berlin की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था है।
- इसकी स्थापना 2009 में हुई थी।
- यह सरकारों, वैज्ञानिकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और नागरिक समाज सहित विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों को एक मंच पर लाता है।
- इसका उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए सहयोग और नए समाधान विकसित करना है।
- प्रमुख विषयों में शामिल हैं:
- महामारी से निपटने की तैयारी
- डिजिटल स्वास्थ्य
- जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य
- स्वास्थ्य सेवाओं में समानता
- स्वास्थ्य प्रणालियों की मजबूती
- बर्लिन में मुख्य सम्मेलन के अलावा क्षेत्रीय बैठकें और पूरे वर्ष विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
- WHS, World Health Assembly (WHA) से अलग है। WHA विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का निर्णय लेने वाला निकाय है।
WHS 2026
- थीम: “संकट से लचीलेपन की ओर: स्वास्थ्य के लिए नवाचार”
- इसमें 130 देशों और क्षेत्रों से 4,000 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया।
- इसमें 400 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया, जिनमें लगभग 20 मंत्री और राज्य सचिव शामिल थे।
- सम्मेलन में 76 सत्र आयोजित हुए और इसे 50,000 से अधिक बार ऑनलाइन देखा गया।
- इसका मुख्य उद्देश्य नवाचार और सहयोग के माध्यम से अधिक समान, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रणालियां विकसित करना था।
अभ्यास प्रश्न
प्र. लैंसेट आयोग द्वारा 21वीं सदी में वैश्विक स्वास्थ्य के लिए पहचाने गए खतरों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- किसी खतरे को विनाशकारी तब माना गया जब 2100 तक उससे कम-से-कम एक अरब DALYs के नुकसान की संभावना हो और नीतिगत हस्तक्षेप से उसके प्रभाव को कम किया जा सके।
- आयोग के अनुसार रोगाणुरोधी प्रतिरोध मुख्यतः एक जैविक प्रक्रिया है तथा मानवीय गतिविधियों की इसमें बहुत कम भूमिका है।
- विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन WHO का निर्णय लेने वाला निकाय है और यह विश्व स्वास्थ्य सभा से केवल अपने आयोजन स्थल के कारण अलग है।
- आयोग ने जलवायु परिवर्तन, महामारी और AMR जैसे खतरों के लिए एकीकृत दृष्टिकोण पर जोर दिया है, क्योंकि ये खतरे एक-दूसरे को बढ़ा सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 4
(b) केवल 1, 2 और 4
(c) केवल 2 और 3
(d) केवल 1, 3 और 4
उत्तर: (a) केवल 1 और 4
व्याख्या:
- कथन 1 सही है। किसी खतरे को विनाशकारी माना गया यदि 2100 तक उससे कम-से-कम 1 अरब DALYs का नुकसान हो सकता है और नीतिगत उपायों से उसके प्रभाव को बदला जा सकता है।
- कथन 2 गलत है। AMR एक प्राकृतिक विकासवादी प्रक्रिया है, लेकिन मानवीय गतिविधियां इसके विकास को तेज करती हैं, जैसे एंटीमाइक्रोबियल का अत्यधिक उपयोग, गलत एंटीबायोटिक उपयोग, औद्योगिक अपशिष्ट और खराब स्वच्छता।
- कथन 3 गलत है। World Health Summit (WHS) वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और सहयोग का मंच है। World Health Assembly (WHA) WHO का निर्णय लेने वाला निकाय है। अतः WHS को WHO का निर्णय लेने वाला निकाय नहीं माना जाता।
- कथन 4 सही है। आयोग के अनुसार वैश्विक स्वास्थ्य के खतरे आपस में जुड़े हुए हैं। उदाहरण के लिए, जलवायु परिवर्तन कुपोषण, वायु प्रदूषण, AMR और मानसिक स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसलिए इनके समाधान के लिए एकीकृत दृष्टिकोण आवश्यक है।
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