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Current Affairs - Daily 17 सितमबर 2026

नीति आयोग ने जारी किया इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025, दिल्ली पहले स्थान पर

नीति आयोग द्वारा 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 'इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025' का दूसरा संस्करण जारी किया गया। इस सूचकांक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ई-मोबिलिटी लक्ष्यों, नीतिगत तैयारियों और कार्यन्वयन का आकलन किया गया है।

भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025

  • नीति आयोग ने 16 सितम्बर, 2026 को नई दिल्ली में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025 का दूसरा संस्करण जारी किया।

  • इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मामले में दिल्ली सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश रहा। इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा का स्थान रहा।

  • यह सूचकांक राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़ी नीतियों की तैयारी और उनके क्रियान्वयन के परिणामों का आकलन करता है। साथ ही यह उनके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लक्ष्यों की प्रगति को भी मापता है।

सूचकांक की गणना कैसे की जाती है?

  • IEMI में सभी 28 राज्यों और 8 केन्द्रशासित प्रदेशों को 0 से 100 के पैमाने पर अंक दिए जाते हैं। इसके लिए 16 संकेतकों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें तीन प्रमुख विषयों में बाँटा गया है—

  1. परिवहन विद्युतीकरण में प्रगति

  2. चार्जिंग अवसंरचना की तैयारी

  3. इलेक्ट्रिक वाहन अनुसंधान एवं नवाचार की स्थिति

  • इनके माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने, चार्जिंग नेटवर्क के विकास तथा EV से जुड़े अनुसंधान, नवाचार और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का आकलन किया जाता है।

प्रदर्शन के मुख्य तथ्य 

  • दिल्ली ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा। महाराष्ट्र, कर्नाटक, चंडीगढ़ और गोवा भी शीर्ष प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे।

  • IEMI में सर्वाधिक प्राप्त अंक 2024 के 77 से बढ़कर 2025 में 84 हो गए। यह भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार को दर्शाता है।

  • सूचकांक के पहले संस्करण में दिल्ली, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ प्रमुख ‘फ्रंटरनर’ थे। दूसरे संस्करण में कर्नाटक और गोवा का शीर्ष प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल होना राज्यों के EV प्रदर्शन में बदलाव को दर्शाता है।

यह क्यों महत्त्वपूर्ण है?

  • IEMI राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन की तुलना करने, नीतिगत और अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान करने तथा राज्यों के बीच बेहतर नीतियों और अनुभवों को साझा करने में सहायता करता है।

  • यह इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों, चार्जिंग नेटवर्क, अनुसंधान, नवाचार और निवेश को बेहतर दिशा देने में भी उपयोगी है। साथ ही यह प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देता है।

  • सूचकांक जारी करते समय नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को ‘विकसित भारत 2047’ के लिए आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक आवश्यकता बताया।

  • उन्होंने यह भी कहा कि अनुमान के अनुसार 2040 तक बिकने वाली सभी नई कारों में लगभग 40% इलेक्ट्रिक हो सकती हैं।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न 

प्रश्न. नीति आयोग द्वारा जारी भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) वार्षिक EV उत्पादन के आधार पर वाहन निर्माता कम्पनियों की रैंकिंग करना

(B) राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में प्रगति का आकलन और तुलना करना

(C) व्यक्तिगत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को मिलने वाली सब्सिडी तय करना

(D) इलेक्ट्रिक वाहनों से भारत में होने वाली कुल बिजली माँग का अनुमान लगाना

उत्तर: (B)

व्याख्या: भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में सभी 28 राज्यों और 8 केन्द्रशासित प्रदेशों का 0 से 100 के पैमाने पर 16 संकेतकों के आधार पर आकलन किया जाता है। इसमें परिवहन विद्युतीकरण में प्रगति, चार्जिंग अवसंरचना की तैयारी तथा EV अनुसंधान एवं नवाचार की स्थिति को मापा जाता है। 2025 के संस्करण में दिल्ली पहले स्थान पर रहा। इस सूचकांक का उद्देश्य राज्यों के प्रदर्शन की तुलना, प्रतिस्पर्धी संघवाद, आपसी सीख और बेहतर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नीतियों को बढ़ावा देना है।