Agentic AI अपनाने के बावजूद 30% संगठनों में उत्पादकता में गिरावट: कारण और आगे की राह
McKinsey के मई 2026 के सर्वेक्षण में product और engineering leaders के बीच 30% respondents ने AI अपनाने के बावजूद team productivity में गिरावट की सूचना दी। अध्ययन से पता चलता है कि AI से वास्तविक उत्पादकता लाभ प्राप्त करने के लिए केवल तकनीक अपनाना पर्याप्त नहीं है; कार्यप्रवाह में बदलाव, भूमिकाओं का पुनर्गठन, गुणवत्ता नियंत्रण, कर्मचारियों का कौशल विकास और प्रभावी AI शासन आवश्यक हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अब केवल सूचना तैयार करने या प्रश्नों का उत्तर देने वाली तकनीक नहीं रह गई है। जनरेटिव AI से आगे बढ़कर एजेंटिक AI ऐसे डिजिटल एजेंट विकसित कर रहा है, जो किसी लक्ष्य को समझकर कार्यों की योजना बना सकते हैं, विभिन्न डिजिटल उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं और कई चरणों वाले कार्यों को कुछ हद तक स्वायत्त रूप से पूरा कर सकते हैं। इससे कार्यस्थल की उत्पादकता में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, सामने आ रहे साक्ष्य बताते हैं कि AI अपनाने और उत्पादकता बढ़ने के बीच संबंध इतना सीधा नहीं है।
McKinsey के मई 2026 के 334 उत्पाद एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े उत्तरदाताओं के सर्वेक्षण में निदेशक स्तर और उससे ऊपर के 173 उत्तरदाताओं में 30% ने बताया कि AI अपनाने के बावजूद उनकी टीम की उत्पादकता में गिरावट आई। केवल 25% ने सार्थक या उच्च स्तर की AI-आधारित उत्पादकता वृद्धि की सूचना दी।
इससे स्पष्ट होता है कि केवल AI उपकरण उपलब्ध करा देना अपने-आप संगठन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं है।
Agentic AI क्या है?
जनरेटिव AI मुख्य रूप से उपयोगकर्ता के निर्देश के आधार पर पाठ, कोड, चित्र और अन्य सामग्री तैयार करता है। इसके विपरीत, एजेंटिक AI केवल सामग्री तैयार करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि किसी निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य कर सकता है।
AI एजेंट किसी लक्ष्य को छोटे-छोटे कार्यों में विभाजित कर सकते हैं, विभिन्न सॉफ्टवेयर उपकरणों और आंकड़ा-भंडारों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, निर्णय के लिए विकल्प तैयार कर सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में स्वतः कार्रवाई भी कर सकते हैं।
इस प्रकार एजेंटिक AI का महत्व केवल काम को तेज करने में नहीं, बल्कि काम करने की पूरी प्रक्रिया और कार्यप्रवाह को बदलने की क्षमता में है।
McKinsey अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष
McKinsey के मई 2026 के एजेंटिक उत्पाद विकास जीवन-चक्र/सॉफ्टवेयर विकास जीवन-चक्र सर्वेक्षण में उत्पाद एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े 334 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया। इनमें निदेशक स्तर या उससे ऊपर के 173 उत्तरदाताओं का अलग से विश्लेषण किया गया।
इस समूह में 30% उत्तरदाताओं ने टीम की उत्पादकता में गिरावट की सूचना दी, जबकि केवल 25% ने सार्थक या उच्च स्तर की AI-आधारित उत्पादकता वृद्धि की बात कही।
दूसरी ओर, सर्वेक्षण में शामिल लगभग 80% सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने AI के कारण औसतन लगभग 3% उत्पादकता वृद्धि की सूचना दी, जबकि शीर्ष 20% इंजीनियरों में औसत उत्पादकता वृद्धि लगभग 55% रही। इससे पता चलता है कि AI का प्रभाव सभी कर्मचारियों और संगठनों पर समान नहीं है।
यहाँ यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि 30% का आँकड़ा AI का उपयोग करने वाले सभी संगठनों से संबंधित नहीं है। यह विशेष रूप से McKinsey के उत्पाद एवं इंजीनियरिंग नेतृत्व संबंधी सर्वेक्षण में निदेशक स्तर और उससे ऊपर के उत्तरदाताओं का निष्कर्ष है।
उत्पादकता में गिरावट क्यों हो सकती है?
एजेंटिक AI से अपेक्षित उत्पादकता लाभ न मिलने का कारण केवल तकनीक की सीमाएँ नहीं हैं। एक प्रमुख समस्या यह है कि संगठन पुराने कार्यप्रवाह में AI जोड़ देते हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से तैयार नहीं करते।
पहला कारण कार्यप्रवाह की जटिलता है। यदि किसी पुरानी प्रक्रिया में कई मानवीय हस्तांतरण, अनुमोदन चरण और अलग-अलग सॉफ्टवेयर प्रणालियाँ शामिल हैं, तो केवल एक चरण में AI लगाने से पूरी प्रक्रिया की दक्षता बढ़ना जरूरी नहीं है।
दूसरा कारण समन्वय की अतिरिक्त लागत है। जब मनुष्य, AI एजेंट और अलग-अलग सॉफ्टवेयर प्रणालियाँ साथ मिलकर काम करती हैं, तो इनके बीच सूचना हस्तांतरण, निगरानी और सत्यापन की नई जरूरत पैदा होती है। McKinsey ने इसे “coordination tax” यानी समन्वय लागत के रूप में समझाया है। उसके नवीनतम वैश्विक सर्वेक्षण में 80% उत्तरदाताओं ने AI से व्यक्तिगत उत्पादकता में सुधार बताया, जबकि केवल 37% ने अपनी संस्था के परिचालन लाभ में AI के कम-से-कम कुछ सकारात्मक प्रभाव की सूचना दी।
तीसरा कारण गुणवत्ता की जाँच और सत्यापन है। AI तेजी से कोड, दस्तावेज और विश्लेषण तैयार कर सकता है, लेकिन उनकी शुद्धता, सुरक्षा और उपयोगिता की जाँच के लिए मानव विशेषज्ञों की आवश्यकता बनी रहती है। यदि जाँच की व्यवस्था AI द्वारा तैयार सामग्री की बढ़ती गति के अनुरूप विकसित नहीं होती, तो अतिरिक्त काम और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।

व्यक्तिगत उत्पादकता बनाम संगठनात्मक उत्पादकता
AI के प्रभाव को समझने के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक उत्पादकता के बीच अंतर करना आवश्यक है।
उदाहरण के लिए, यदि कोई कर्मचारी किसी दस्तावेज को दो घंटे के बजाय 30 मिनट में तैयार कर लेता है, तो उसकी व्यक्तिगत उत्पादकता बढ़ी है। लेकिन इससे पूरी संस्था की उत्पादकता तभी बढ़ेगी, जब बचाए गए समय का उपयोग अधिक मूल्यवान कार्यों में किया जाए और संगठन की कार्यप्रणाली में भी सुधार हो।
McKinsey के 2026 के वैश्विक सर्वेक्षण में 80% उत्तरदाताओं ने बताया कि AI ने उनकी व्यक्तिगत उत्पादकता में सुधार किया, लेकिन केवल 37% ने कहा कि AI का उनकी संस्था के परिचालन लाभ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।
यही अंतर “AI उत्पादकता विरोधाभास” को सामने लाता है—AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका व्यापक संगठनात्मक आर्थिक लाभ उसी गति से नहीं बढ़ रहा है।
रोजगार और कौशल पर प्रभाव
एजेंटिक AI के बढ़ते उपयोग से रोजगार का स्वरूप बदल सकता है। दोहराव वाले और नियम-आधारित कार्यों को अधिक मात्रा में AI एजेंट द्वारा किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को विश्लेषण, रचनात्मकता, रणनीतिक निर्णय और मानवीय संवाद जैसे कार्यों के लिए अधिक समय मिल सकता है।
इसके साथ ही कुछ मौजूदा कार्यों की मांग में कमी और नए प्रकार के कार्यों तथा कौशलों की मांग में वृद्धि हो सकती है। इसलिए AI के प्रभाव को केवल स्वचालन के रूप में नहीं, बल्कि रोजगार के पुनर्गठन के रूप में भी देखना आवश्यक है।
AI साक्षरता, आंकड़ा साक्षरता, आलोचनात्मक चिंतन, साइबर सुरक्षा और मानव-AI सहयोग जैसे कौशल भविष्य में अधिक महत्वपूर्ण होंगे। संगठनों के लिए केवल AI उपकरण खरीदना पर्याप्त नहीं होगा; उन्हें कर्मचारियों के पुनःकौशल विकास और परिवर्तन प्रबंधन में भी निवेश करना होगा।
McKinsey के 2026 वैश्विक सर्वेक्षण में 39% उत्तरदाताओं ने अगले एक वर्ष में अपनी संस्थाओं में AI से संबंधित रोजगार में कमी की आशंका जताई। हालांकि, पिछले एक वर्ष में वास्तविक रूप से बताई गई रोजगार कमी पिछले वर्ष की अपेक्षाओं की तुलना में काफी कम रही।
AI शासन और मानव निगरानी
एजेंटिक AI के साथ प्रभावी शासन की आवश्यकता और बढ़ जाती है, क्योंकि AI एजेंट कुछ परिस्थितियों में केवल सामग्री तैयार करने के बजाय कार्रवाई भी कर सकते हैं।
इससे आंकड़ा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पक्षपात, बौद्धिक संपदा, गलत निर्णय, उत्तरदायित्व और निगरानी से जुड़े प्रश्न सामने आते हैं। इसलिए महत्वपूर्ण निर्णयों में उचित मानव निगरानी, स्पष्ट अधिकार-सीमा, निगरानी व्यवस्था और सत्यापन तंत्र आवश्यक होंगे।
एजेंटिक AI का उद्देश्य मानव भागीदारी को पूरी तरह समाप्त करना नहीं होना चाहिए। इसके बजाय यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कौन-से कार्य AI करेगा और किन महत्वपूर्ण निर्णयों में अंतिम जिम्मेदारी मानव विशेषज्ञ की रहेगी।
भारत के लिए अवसर और चुनौतियाँ
भारत के लिए एजेंटिक AI का महत्व विशेष रूप से अधिक है। देश का IT-BPM क्षेत्र, सॉफ्टवेयर सेवा क्षेत्र, स्टार्टअप तंत्र और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना AI आधारित परिवर्तन के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
एजेंटिक AI का उपयोग सॉफ्टवेयर विकास, ग्राहक सेवा, परिवहन एवं आपूर्ति व्यवस्था, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सेवाओं में किया जा सकता है। यह छोटे व्यवसायों के कुछ प्रशासनिक और ज्ञान-आधारित कार्यों को स्वचालित करने में भी सहायक हो सकता है।
हालांकि, भारत के सामने कंप्यूटिंग अवसंरचना, उच्च गुणवत्ता वाले आंकड़े, कुशल मानव संसाधन, साइबर सुरक्षा, आंकड़ा संरक्षण और छोटे एवं मध्यम उद्यमों के लिए AI अपनाने की लागत जैसी चुनौतियाँ हैं।
इसलिए भारत को केवल AI के उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि AI अनुसंधान, विकास, बहुभाषी मॉडल और उत्तरदायी AI शासन के क्षेत्र में भी अपनी क्षमता बढ़ानी होगी। इससे AI से मिलने वाले उत्पादकता लाभों को व्यापक आर्थिक और सामाजिक लाभों में बदला जा सकता है।
आगे की राह
एजेंटिक AI से वास्तविक लाभ प्राप्त करने के लिए सबसे पहले पूरी कार्यप्रणाली को नए सिरे से तैयार करना आवश्यक है। McKinsey के अध्ययन के अनुसार जिन संगठनों ने AI अपनाने से पहले अपनी प्रक्रियाओं में बदलाव किया, उनमें 20% से अधिक उत्पादकता वृद्धि की सूचना देने की संभावना उन संगठनों की तुलना में दोगुने से अधिक थी, जिन्होंने केवल मौजूदा कार्यप्रणाली में AI को जोड़ दिया।
इसके साथ मानव-AI सहयोग, कर्मचारियों का पुनःकौशल विकास, परिणाम आधारित प्रदर्शन मापन और प्रभावी AI शासन को प्राथमिकता देनी होगी।
संगठनों को केवल यह नहीं मापना चाहिए कि कितने कर्मचारियों ने AI का उपयोग किया, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि इससे लागत, गुणवत्ता, समय, नवाचार और वास्तविक संगठनात्मक परिणामों में कितना बदलाव आया।
McKinsey के अध्ययन में अधिक प्रभावी AI उपयोग से जुड़े चार प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है—पूरे कार्यप्रवाह का पुनर्गठन, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों में बदलाव, सत्यापन एवं नियंत्रण व्यवस्था का निर्माण तथा कर्मचारियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण और परिवर्तन प्रबंधन में निवेश।
निष्कर्ष
एजेंटिक AI के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल इसकी तकनीकी क्षमता नहीं, बल्कि उस क्षमता को स्थायी और मापनीय उत्पादकता में बदलना है।
McKinsey के वर्तमान साक्ष्य बताते हैं कि AI का प्रभाव समान नहीं है। जहाँ बड़ी संख्या में कर्मचारी व्यक्तिगत उत्पादकता में सुधार की सूचना दे रहे हैं, वहीं संगठन स्तर पर आर्थिक लाभ अभी सीमित दिखाई देता है। साथ ही, कुछ उत्पाद एवं इंजीनियरिंग नेतृत्व समूहों ने AI अपनाने के बाद टीम उत्पादकता में गिरावट की भी सूचना दी है।
इसलिए भविष्य की रणनीति केवल अधिक AI उपकरण अपनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। वास्तविक परिवर्तन के लिए कार्यप्रवाह का पुनर्गठन, मानव और AI के बीच स्पष्ट कार्य-विभाजन, कर्मचारियों का पुनःकौशल विकास, मजबूत सत्यापन व्यवस्था और उत्तरदायी AI शासन आवश्यक हैं।
अंततः एजेंटिक AI की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संगठन इसे केवल एक नई तकनीक के रूप में अपनाते हैं या इसके माध्यम से काम करने के पूरे तरीके को पुनर्गठित करते हैं।
प्रश्न: निम्नलिखित कथनों में एजेंटिक AI से संबंधित McKinsey के 2026 अध्ययन के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
सर्वेक्षण में उत्पाद एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े 334 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया था।
निदेशक स्तर और उससे ऊपर के उत्तरदाताओं में 30% ने टीम की उत्पादकता में गिरावट की सूचना दी।
सर्वेक्षण में शामिल लगभग 80% सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने औसतन लगभग 3% AI आधारित उत्पादकता वृद्धि की सूचना दी।
अध्ययन में कहा गया कि AI का उपयोग करने वाले सभी संगठनों में से 30% की उत्पादकता में गिरावट आई।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A. केवल 1, 2 और 3
B. केवल 1 और 4
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (A)
व्याख्या: McKinsey के मई 2026 के सर्वेक्षण में उत्पाद एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े 334 उत्तरदाताओं को शामिल किया गया था। इनमें निदेशक स्तर और उससे ऊपर के 173 उत्तरदाताओं में 30% ने टीम की उत्पादकता में गिरावट की सूचना दी। लगभग 80% सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने औसतन लगभग 3% AI आधारित उत्पादकता वृद्धि की सूचना दी। हालांकि, 30% का आँकड़ा AI का उपयोग करने वाले सभी संगठनों से संबंधित नहीं है, बल्कि विशेष उत्पाद एवं इंजीनियरिंग नेतृत्व समूह के सर्वेक्षण से संबंधित है।
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