भारत-अमेरिका ने 22वें युद्ध अभ्यास 2026 की शुरुआत की
युद्ध अभ्यास भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच आयोजित होने वाला वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है। 2026 का 22वां संस्करण उत्तराखंड के औली और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जा रहा है।
युद्ध अभ्यास 2026: भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास
- भारत और अमेरिका ने 15 सितंबर 2026 को संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ (Yudh Abhyas) के 22वें संस्करण की शुरुआत की।
- यह अभ्यास दो स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है:
- औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड, उत्तराखंड
- महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, राजस्थान
- अभ्यास का समापन 28 सितंबर 2026 को निर्धारित है।
- इसमें भारतीय सेना के लगभग 600 और अमेरिकी सेना के लगभग 600 सैनिक भाग ले रहे हैं।
- युद्ध अभ्यास भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच आयोजित होने वाला वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
- इसका प्रमुख उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) बढ़ाना तथा संयुक्त अभियान की योजना बनाने और उसे संचालित करने की क्षमता विकसित करना है।
- अभ्यास में विशेष रूप से पर्वतीय और अर्द्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में सैन्य अभियानों पर ध्यान दिया जा रहा है।
- प्रशिक्षण गतिविधियों में शामिल हैं:
- मिशन योजना।
- सामरिक अभ्यास।
- पैदल सेना के युद्धाभ्यास।
- संयुक्त परिचालन योजना एवं क्रियान्वयन।
- कमांड संरचनाओं और जमीनी सैन्य इकाइयों के बीच समन्वय।
- उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित औली उच्च ऊंचाई और कठिन हिमालयी भू-भाग के कारण पर्वतीय युद्ध प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है।
- राजस्थान स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज का उपयोग लाइव-फायर अभ्यास और उन्नत हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन के लिए किया जाएगा।
- अभ्यास में ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का भी उपयोग किया जाएगा, विशेष रूप से:
- निगरानी।
- टोही।
- खुफिया जानकारी एकत्र करना।
- युद्धक्षेत्र का आकलन के लिए।
- अभ्यास के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:
- सैन्य इंटरऑपरेबिलिटी में वृद्धि।
- संयुक्त परिचालन समन्वय।
- सर्वोत्तम सैन्य प्रथाओं का आदान-प्रदान।
- रक्षा प्रौद्योगिकी में सहयोग।
- दोनों सेनाओं के बीच पारस्परिक समझ को बढ़ावा देना।
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
प्रश्न. युद्ध अभ्यास 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच एक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है।
- औली का उपयोग मुख्यतः पर्वतीय युद्ध प्रशिक्षण के लिए, जबकि महाजन फील्ड फायरिंग रेंज का उपयोग लाइव-फायर अभ्यास के लिए किया जा रहा है।
- अभ्यास में निगरानी और टोही के लिए ड्रोन तथा स्वायत्त प्रणालियों के उपयोग का प्रशिक्षण शामिल है।
- यह अभ्यास केवल उच्च ऊंचाई वाले युद्ध पर केंद्रित है और इसमें अन्य प्रकार के भू-भागों में प्रशिक्षण शामिल नहीं है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 2 और 3
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (b) केवल 1, 2 और 3
व्याख्या:
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। युद्ध अभ्यास भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बीच द्विपक्षीय अभ्यास है। औली में उच्च ऊंचाई वाले पर्वतीय युद्ध का प्रशिक्षण तथा महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में लाइव-फायर अभ्यास और हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का उपयोग निगरानी एवं टोही के लिए किया जाएगा।
कथन 4 गलत है क्योंकि दो अलग-अलग स्थानों पर अभ्यास के माध्यम से सैनिकों को पर्वतीय और रेगिस्तानी दोनों प्रकार की परिचालन परिस्थितियों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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