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Current Affairs - Daily 21 सितमबर 2026

कर्नाटक में तुलु को मिला अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा

18 सितंबर 2026 को कर्नाटक कैबिनेट ने तुलु को दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का निर्णय लिया। यह निर्णय प्रशासनिक कार्यों में तुलु के उपयोग को बढ़ावा देने और तटीय कर्नाटक की भाषाई विरासत को औपचारिक मान्यता देने से संबंधित है।

क्यों चर्चा में?

  • 18 सितंबर 2026 को मंगलुरु में हुई कर्नाटक मंत्रिमंडल की बैठक में तुलु को दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में प्रशासनिक कार्यों के लिए राज्य की अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का निर्णय लिया गया। 

  • यह निर्णय तटीय कर्नाटक में तुलु को औपचारिक प्रशासनिक मान्यता देने की लंबे समय से चली आ रही मांग से जुड़ा है। तुलु के अनुवाद, प्रशिक्षण और अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष ₹82 लाख आवंटित किए जाने की जानकारी दी गई है। 

 

संवैधानिक आधार

  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 345 राज्य विधानमंडल को राज्य में प्रचलित एक या अधिक भाषाओं अथवा हिंदी को राज्य के सभी या कुछ आधिकारिक कार्यों के लिए अपनाने की अनुमति देता है। 

  • कर्नाटक की आधिकारिक भाषा व्यवस्था में कन्नड़ को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसलिए तुलु के नए दर्जे के विस्तृत कार्यान्वयन के लिए संबंधित राज्य कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। 

 

तुलु भाषा का दर्जा

  • तुलु द्रविड़ भाषा परिवार की भाषा है और इसका प्रमुख संबंध कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों तथा केरल के निकटवर्ती क्षेत्रों से है.

  • भारत की जनगणना में तुलु को आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं की गई भाषाओं में अलग से दर्ज किया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार 18,46,427 लोगों ने तुलु को अपनी मातृभाषा बताया था। 

 

शैक्षणिक स्थिति

  • दक्षिण कन्नड़ और उडुपी के कुछ विद्यालयों में तुलु को वैकल्पिक भाषा के रूप में पढ़ाया जाता रहा है। मंगलुरु विश्वविद्यालय ने तुलु में स्नातकोत्तर कार्यक्रम भी शुरू किया था, हालांकि कम नामांकन के कारण बाद में इसे बंद कर दिया गया।

     

महत्त्व

  • तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा मिलने से जिला स्तर पर प्रशासनिक उपयोग को संस्थागत समर्थन मिल सकता है। 

  • यह कदम भारत की भाषाई विविधता तथा राज्यों को अपनी प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुसार भाषाओं को आधिकारिक उपयोग में अपनाने की संवैधानिक व्यवस्था को भी दर्शाता है।

 

MCQ Hindi

प्रश्न 1. हाल ही में किस राज्य ने तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का निर्णय लिया है?

(A) केरल

(B) कर्नाटक

(C) तमिलनाडु

(D) आंध्र प्रदेश

उत्तर: (B)

व्याख्या: कर्नाटक मंत्रिमंडल ने तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का निर्णय लिया है।

 

प्रश्न 2. कर्नाटक के किन दो जिलों में तुलु को अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है?

(A) मैसूरु और कोडगु

(B) बेंगलुरु और तुमकुरु

(C) दक्षिण कन्नड़ और उडुपी

(D) शिवमोग्गा और हासन

उत्तर: (C)

व्याख्या: यह दर्जा प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में लागू किया जाना है। 

 

प्रश्न 3. भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राज्य की आधिकारिक भाषा या भाषाओं से संबंधित है?

(A) अनुच्छेद 343

(B) अनुच्छेद 345

(C) अनुच्छेद 348

(D) अनुच्छेद 351

उत्तर: (B)

व्याख्या: अनुच्छेद 345 राज्य विधानमंडल को राज्य के आधिकारिक कार्यों के लिए भाषाओं को अपनाने की शक्ति देता है।