Swell Surge और Coastal Hazards: भारत के तटीय क्षेत्रों के लिए उभरती चुनौती
Swell Surge की प्रक्रिया, Kallakkadal, तटीय जलभराव, कटाव, भारत की संवेदनशीलता, INCOIS-SIVAS, पूर्व चेतावनी और जोखिम न्यूनीकरण उपायों का UPSC-केंद्रित विश्लेषण।
चर्चा में क्यों?
हाल में केरल और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में Swell Surge की चेतावनियाँ जारी की गईं। सितंबर 2026 के तटीय मौसम बुलेटिन में केरल के विभिन्न तटीय जिलों के लिए 18–25 सेकंड की अवधि और लगभग 1.0–1.7 मीटर ऊँचाई वाली Swell Waves का पूर्वानुमान जारी किया गया। ऐसी ऊँची एवं लंबी-अवधि वाली तरंगों से निचले तटीय क्षेत्रों में जलभराव, तटीय कटाव और समुद्री गतिविधियों में व्यवधान का खतरा बढ़ जाता है।
Swell Surge क्या है?
- Swell Surge एक समुद्री घटना है, जिसमें दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में उत्पन्न लंबी-अवधि वाली Swell Waves हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके तट तक पहुँचती हैं। केरल में इस घटना को स्थानीय रूप से Kallakkadal कहा जाता है।
- इसकी प्रमुख विशेषता यह है कि जिस तटीय क्षेत्र में लहरें पहुँचती हैं, वहाँ स्थानीय मौसम अपेक्षाकृत शांत हो सकता है। इसके बावजूद दूरस्थ समुद्री तूफानों से उत्पन्न तरंगें तट तक पहुँचकर समुद्री जल के असामान्य उछाल और जलभराव की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
- इस जोखिम की निगरानी के लिए भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने Swell-surge Inundation Vulnerability Advisory System (SIVAS) विकसित किया है, जो केरल तट पर Swell Surge से संभावित जलभराव का पूर्वानुमान तीन दिन तक पहले उपलब्ध करा सकता है।
Swell Waves कैसे बनती हैं?
दूरस्थ समुद्री तूफान/तेज हवाएँ → समुद्र की सतह पर ऊर्जा का स्थानांतरण → लंबी-अवधि वाली तरंगों का निर्माण → महासागर में लंबी दूरी तक प्रसार → तट के निकट तरंगों का प्रभाव बढ़ना
- Swell Waves का स्रोत आवश्यक रूप से तट के निकट चल रही स्थानीय हवाएँ नहीं होतीं।
- इसलिए तटीय क्षेत्र में मौसम शांत होने के बावजूद ऊँची Swell Waves पहुँच सकती हैं।
- 2024 में INCOIS ने भारतीय तट से लगभग 10,000 किमी दूर दक्षिणी हिंद महासागर में उत्पन्न Swell Surge को ट्रैक किया था।
- इस घटना में लगभग 22 सेकंड अवधि वाली उच्च-ऊर्जा तरंगें भारतीय तट तक पहुँची थीं।
Swell Surge और Storm Surge में अंतर
- Swell Surge: दूरस्थ समुद्री तूफानों से उत्पन्न लंबी-अवधि वाली तरंगों के तट तक पहुँचने से संबंधित घटना।
- Storm Surge: चक्रवात की तेज हवाओं और निम्न वायुदाब के कारण सामान्य समुद्री स्तर से ऊपर समुद्र के जलस्तर में होने वाला असामान्य उठाव।
- मुख्य अंतर: Swell Surge में दूरस्थ स्रोत से आने वाली तरंगीय ऊर्जा प्रमुख होती है, जबकि Storm Surge में चक्रवात से जुड़ा समुद्र-स्तर का असामान्य उठाव प्रमुख होता है।
भारत में तटीय संवेदनशीलता
भारत की लंबी तटरेखा तथा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय समुद्री मौसम प्रणालियाँ तटीय क्षेत्रों को विभिन्न समुद्री खतरों के प्रति संवेदनशील बनाती हैं।
Swell Surge के संदर्भ में प्रमुख संवेदनशील क्षेत्र:
- केरल तट
- कर्नाटक तट
- तमिलनाडु तट
- लक्षद्वीप क्षेत्र
प्रमुख प्रभाव
1. तटीय जलभराव:
लंबी-अवधि वाली ऊर्जावान तरंगें निचले तटीय क्षेत्रों में समुद्री जल के प्रवेश का कारण बन सकती हैं।
2. तटीय कटाव:
ऊँची तरंगों की ऊर्जा समुद्रतट की रेत और अन्य अवसादों को हटाकर तटीय कटाव को बढ़ा सकती है।
3. मत्स्य गतिविधियों पर प्रभाव:
ऊँची समुद्री लहरें छोटी नौकाओं के संचालन को जोखिमपूर्ण बनाती हैं तथा मछुआरों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
4. तटीय बुनियादी ढाँचा:
सड़क, आवास, बंदरगाह तथा अन्य तटीय संरचनाएँ ऊर्जावान लहरों और जलभराव से प्रभावित हो सकती हैं।
5. पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था:
समुद्रतटों पर मनोरंजक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकना पड़ सकता है, जिससे पर्यटन-आधारित आय प्रभावित हो सकती है।
Coastal Hazards का व्यापक परिप्रेक्ष्य
Swell Surge भारत के व्यापक तटीय आपदा जोखिम का एक हिस्सा है। प्रमुख तटीय खतरों में शामिल हैं—
Storm Surge | Tsunami | Coastal Flooding | Coastal Erosion | High Waves | Rip Currents | Saltwater Intrusion
इनमें से प्रत्येक का कारण और तटीय प्रभाव अलग होता है। इसलिए तटीय आपदा प्रबंधन में एकल खतरे के बजाय बहु-आपदा जोखिम आकलन आवश्यक है।
जलवायु परिवर्तन से संबंध
- समुद्र-स्तर में दीर्घकालिक वृद्धि तटीय क्षेत्रों में Exposure और Vulnerability को बढ़ाती है। बढ़ता समुद्री स्तर समान ऊँचाई वाली लहर या समुद्री घटना को पहले की तुलना में अधिक गंभीर तटीय प्रभाव पैदा करने में सक्षम बना सकता है।
- हालाँकि, किसी विशिष्ट Swell Surge का तत्काल कारण सामान्यतः दूरस्थ समुद्री मौसम प्रणाली और उससे उत्पन्न Swell Waves होता है। इसलिए प्रत्येक Swell Surge घटना को सीधे जलवायु परिवर्तन का परिणाम मानना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी
- भारत में Swell Surge संबंधी निगरानी और पूर्वानुमान में भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- SIVAS के माध्यम से केरल तट पर Swell Surge से संभावित जलभराव का पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जाता है। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तटीय मौसम बुलेटिनों में भी समुद्री परिस्थितियों और Swell Surge संबंधी चेतावनियाँ शामिल की जाती हैं।
जोखिम न्यूनीकरण के प्रमुख उपाय
- तटीय समुदायों और मछुआरों के लिए समयबद्ध पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करना।
- छोटे जहाजों और मछली पकड़ने वाली नौकाओं को जोखिमपूर्ण समुद्री परिस्थितियों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रखना।
- समुद्रतटों पर मनोरंजक गतिविधियों के लिए अस्थायी प्रतिबंध लागू करना।
- मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों, बालू के टीलों और तटीय आर्द्रभूमियों जैसे प्राकृतिक अवरोधों का संरक्षण करना।
- अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में जोखिम-आधारित भूमि उपयोग नियोजन अपनाना।
- तटीय जलभराव के पूर्वानुमान को स्थानीय आपदा प्रबंधन योजनाओं से जोड़ना।
- उपग्रह, समुद्री बॉय और महासागरीय मॉडलिंग के माध्यम से दूरस्थ Swell Waves की निरंतर निगरानी करना।
निष्कर्ष
Swell Surge की विशिष्टता यह है कि इसका प्रभाव उस तटीय क्षेत्र से बहुत दूर उत्पन्न हो सकता है जहाँ इसका अंतिम प्रभाव दिखाई देता है। इसलिए भारत की तटीय आपदा प्रबंधन व्यवस्था में दूरस्थ Swell की निगरानी, तटीय जलभराव का पूर्वानुमान, स्थानीय पूर्व चेतावनी प्रणाली और पारिस्थितिकी-आधारित तटीय संरक्षण को एकीकृत करना आवश्यक है। इससे तटीय समुदायों, मत्स्य क्षेत्र, पर्यटन और महत्वपूर्ण तटीय बुनियादी ढाँचे की जोखिम-संवेदनशीलता को कम किया जा सकता है।
MCQ Hindi
प्रश्न. Swell Surge के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- Swell Surge दूरस्थ समुद्री तूफानों से उत्पन्न लंबी-अवधि वाली तरंगों के तट तक पहुँचने से संबंधित है।
- Swell Surge के लिए तट के निकट तेज स्थानीय हवाओं का होना अनिवार्य है।
- INCOIS ने Swell-surge Inundation Vulnerability Advisory System (SIVAS) विकसित किया है।
- Storm Surge और Swell Surge समान समुद्री घटनाएँ हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(A) केवल 1 और 3
(B) केवल 1 और 4
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (A) केवल 1 और 3
व्याख्या:
- कथन 1 सही है। Swell Surge दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में उत्पन्न लंबी-अवधि वाली Swell Waves के तट तक पहुँचने से संबंधित है।
- कथन 2 गलत है। Swell Waves दूरस्थ क्षेत्र में उत्पन्न हो सकती हैं; इसलिए तट के निकट तेज स्थानीय हवाओं का होना आवश्यक नहीं है।
- कथन 3 सही है। INCOIS ने Swell Surge से संभावित तटीय जलभराव के पूर्वानुमान के लिए SIVAS विकसित किया है।
- कथन 4 गलत है। Storm Surge और Swell Surge अलग-अलग समुद्री घटनाएँ हैं; Storm Surge मुख्यतः चक्रवात की तेज हवाओं और निम्न वायुदाब के कारण समुद्र-स्तर में असामान्य वृद्धि से संबंधित है।
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