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28 सितमबर 2026
CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कानून पर सुप्रीम कोर्ट का विभाजित फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 2023 के CEC और चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून को संविधान पीठ के समक्ष भेजने के मुद्दे पर विभाजित फैसला दिया।
CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कानून पर सुप्रीम कोर्ट का विभाजित फैसला
खबरों में क्यों?
- सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 को चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी पीठ के गठन पर विचार के लिए CJI के समक्ष भेजा है।
- दो न्यायाधीशों की पीठ ने इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजने के मुद्दे पर अलग-अलग राय दी।
पृष्ठभूमि
- अनुच्छेद 324(2) के अनुसार CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जो संसद द्वारा बनाए गए कानून के अधीन है।
- अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली समिति का प्रावधान किया था।
- इसके बाद संसद ने 2023 का अधिनियम पारित किया, जिसमें CJI की जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री को चयन समिति में शामिल किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रमुख मुद्दे
- न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने माना कि मौजूदा पीठ ही यह तय कर सकती है कि 2023 का कानून Anoop Baranwal में निर्धारित संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप है या नहीं।
- उन्होंने नियुक्ति समिति में कार्यपालिका के प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की।
- न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा ने मामले को संविधान पीठ के पास भेजने का समर्थन किया। उनके अनुसार 2023 के कानून की संवैधानिक वैधता पर अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है।
- अब इस मामले को उपयुक्त बड़ी पीठ के गठन पर विचार के लिए CJI के समक्ष रखा गया है।
संविधान पीठ क्या है?
- अनुच्छेद 145(3) के तहत संविधान पीठ में कम से कम पाँच न्यायाधीश होते हैं।
- यह संविधान की व्याख्या से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों पर निर्णय करती है।
- संविधान पीठ के निर्णयों का न्यायिक मिसाल के रूप में महत्वपूर्ण प्रभाव होता है।
2023 के अधिनियम की प्रमुख विशेषताएँ
- सर्च कमेटी: केंद्रीय कानून मंत्री की अध्यक्षता में गठित होती है और इसमें दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारी होते हैं।
- चयन समिति: इसमें प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।
- उम्मीदवारों के पास चुनाव प्रबंधन का अनुभव और भारत सरकार के सचिव के समकक्ष पद पर कार्य करने का अनुभव होना चाहिए।
- CEC और ECs का कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक होता है।
- कानूनी संरक्षण: कार्यरत और पूर्व CEC/ECs को उनके संवैधानिक/वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किए गए कार्यों या वक्तव्यों पर दीवानी या आपराधिक कार्यवाही से संरक्षण देता है।
निर्वाचक नामावली में पंजीकरण हेतु प्रपत्र:
- भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचक नामावलियों को तैयार करने और उनमें संशोधन करने की जिम्मेदारी प्राप्त है। यह प्रक्रिया लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत भी नियंत्रित होती है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 (RER, 1960) में मतदाताओं के पंजीकरण, नाम जोड़ने या हटाने, विवरण में सुधार और निर्वाचक नामावली के रखरखाव के लिए विभिन्न प्रपत्र निर्धारित किए गए हैं।
- प्रपत्र 6: नए मतदाता के रूप में निर्वाचक नामावली में पंजीकरण के लिए आवेदन किया जाता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 19 के अनुसार 18 वर्ष की आयु पूरी करने के लिए निर्धारित पात्रता तिथियाँ 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर हैं।
- प्रपत्र 6A: विदेशी निर्वाचक (Overseas Elector) के पंजीकरण के लिए उपयोग किया जाता है। शिक्षा, रोजगार या अन्य कारणों से भारत से बाहर रहने वाला भारतीय नागरिक उस निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकरण करा सकता है, जहाँ उसका पासपोर्ट में दर्ज निवास स्थान स्थित है।
- प्रपत्र 7: निर्वाचक नामावली में किसी नाम को शामिल करने पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए उपयोग किया जाता है। कोई पंजीकृत मतदाता किसी अन्य व्यक्ति के नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति कर सकता है या अपने नाम को हटाने का अनुरोध कर सकता है।
- प्रपत्र 8: पंजीकृत मतदाता द्वारा निवास स्थान बदलने या निर्वाचक नामावली में दर्ज विवरण में सुधार के लिए उपयोग किया जाता है।
- प्रपत्र 5: निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा प्रारूप निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के लिए जारी किया जाता है।
- प्रपत्र 9: प्रपत्र 6 के माध्यम से प्राप्त नाम शामिल करने संबंधी आवेदनों की सूची इसमें दी जाती है।
- प्रपत्र 10: प्रपत्र 7 के माध्यम से प्राप्त नाम शामिल करने पर आपत्तियों की सूची इसमें दी जाती है।
- प्रपत्र 11: प्रपत्र 8 के माध्यम से प्राप्त प्रविष्टियों में सुधार से संबंधित आपत्तियों या आवेदनों की सूची इसमें शामिल होती है।
- प्रपत्र 11A: प्रपत्र 8 के माध्यम से प्राप्त उसी निर्वाचन क्षेत्र के भीतर पता बदलने संबंधी आवेदनों की सूची इसमें होती है।
- प्रपत्र 11B: प्रपत्र 8 के माध्यम से प्राप्त एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में पता बदलने संबंधी आवेदनों की सूची इसमें होती है।
प्रपत्र 9 से 11B तक तैयार करने और प्रकाशित करने की जिम्मेदारी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की होती है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न. भारत में निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति तथा निर्वाचक नामावली से संबंधित प्रपत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अनूप बरनवाल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संसद द्वारा संबंधित कानून बनाए जाने तक प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली चयन समिति का प्रावधान किया था।
- 2023 के अधिनियम के तहत चयन समिति में प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।
- प्रपत्र 7 का उपयोग किसी नाम को निर्वाचक नामावली में शामिल करने पर आपत्ति दर्ज करने या किसी मौजूदा प्रविष्टि को हटाने के लिए किया जाता है।
- प्रपत्र 8 का उपयोग निर्वाचन क्षेत्र के भीतर या बाहर निवास स्थान बदलने तथा निर्वाचक नामावली में प्रविष्टियों में सुधार के लिए किया जा सकता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) केवल 1 और 4
उत्तर: (b) केवल 1, 3 और 4
व्याख्या
- अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI वाली चयन समिति का प्रावधान किया था। अतः कथन 1 सही है।
- 2023 के अधिनियम ने चयन समिति में CJI की जगह प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री को शामिल किया। अतः कथन 2 गलत है।
- प्रपत्र 7 का उपयोग निर्वाचक नामावली में प्रस्तावित नाम को शामिल करने पर आपत्ति या मौजूदा प्रविष्टि को हटाने के लिए किया जाता है। अतः कथन 3 सही है।
- प्रपत्र 8 का उपयोग निर्वाचन क्षेत्र के भीतर या बाहर निवास स्थान बदलने तथा निर्वाचक नामावली में विवरण में सुधार के लिए किया जाता है। अतः कथन 4 सही है।
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