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Current Affairs - Daily 26 सितमबर 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त को कैसे हटाया जा सकता है?

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके लिए सिद्ध कदाचार या अक्षमता का आधार और संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत आवश्यक है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को कैसे हटाया जा सकता है?

चर्चा में क्यों?

  • विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की बात कही है। यह कदम निर्वाचन आयोग के भीतर कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर सामने आए मतभेदों की रिपोर्ट के बाद आया है।
  • CEC की नियुक्ति और हटाने से संबंधित प्रमुख प्रावधान अनुच्छेद 324 तथा CEC एवं अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 में दिए गए हैं।

नियुक्ति और कार्यकाल

  • राष्ट्रपति CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री वाली तीन सदस्यीय चयन समिति की सिफारिश पर करते हैं।
  • कार्यकाल छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक होता है।

CEC को हटाने की प्रक्रिया

  • अनुच्छेद 324(5) के तहत CEC को केवल सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया और आधार पर हटाया जा सकता है।
  • हटाने के आधार सिद्ध कदाचार या अक्षमता हैं।
  • प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कम से कम लोकसभा के 100 या राज्यसभा के 50 सांसदों का समर्थन आवश्यक है।
  • प्रस्ताव स्वीकार होने पर एक जांच समिति आरोपों की जांच करती है।
  • इसके बाद प्रस्ताव को दोनों सदनों में:
    • सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत, तथा
    • उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित होना आवश्यक है।
  • दोनों सदनों से प्रस्ताव पारित होने के बाद राष्ट्रपति हटाने का आदेश जारी करते हैं।

अन्य चुनाव आयुक्त

  • किसी अन्य चुनाव आयुक्त या क्षेत्रीय चुनाव आयुक्त को राष्ट्रपति केवल CEC की सिफारिश पर हटा सकते हैं।
  • इस प्रकार CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों के लिए हटाने की प्रक्रिया अलग है।

महत्व

  • CEC को हटाने की कठिन प्रक्रिया का उद्देश्य निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को राजनीतिक दबाव से सुरक्षित रखना है।
  • अब तक किसी भी CEC को इस संसदीय प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक नहीं हटाया गया है।

 

अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. CEC को केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। 
  2. CEC को हटाने के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए लोकसभा के कम से कम 100 या राज्यसभा के 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। 
  3. हटाने के प्रस्ताव को प्रत्येक सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित किया जाना आवश्यक है। 
  4. CEC के अतिरिक्त किसी अन्य चुनाव आयुक्त को राष्ट्रपति केवल CEC की सिफारिश पर हटा सकते हैं। 

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(a) केवल 1 और 2
 (b) केवल 1, 3 और 4
 (c) केवल 2 और 4
 (d) केवल 2, 3 और 4

उत्तर: (d) केवल 2, 3 और 4

व्याख्या:

  • CEC को केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर नहीं, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से हटाया जाता है। अतः कथन 1 गलत है। 
  • प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए कम से कम लोकसभा के 100 या राज्यसभा के 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। अतः कथन 2 सही है। 
  • प्रस्ताव को प्रत्येक सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित करना आवश्यक है। अतः कथन 3 सही है। 
  • CEC के अलावा किसी अन्य चुनाव आयुक्त को राष्ट्रपति केवल CEC की सिफारिश पर हटा सकते हैं। अतः कथन 4 सही है।

 

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