RWA Civil Services
Current Affairs - Daily 8 अक्टूबर 2026

भारत में प्रोटीन और फाइबर सेवन की चुनौती, अध्ययन में सामने आए महत्वपूर्ण आंकड़े

‘The State of Protein & Fibre in Urban India’ अध्ययन ने शहरी भारतीयों के बीच प्रोटीन और फाइबर सेवन में कमी तथा पोषण संबंधी जागरूकता और वास्तविक सेवन के बीच अंतर को सामने रखा है।

भारत में प्रोटीन और फाइबर की कमी

चर्चा में क्यों 

  • हाल ही में जारी ‘The State of Protein & Fibre in Urban India’ अध्ययन में शहरी भारतीयों के प्रोटीन और फाइबर सेवन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। अध्ययन ने पोषण संबंधी जागरूकता और वास्तविक आहार सेवन के बीच अंतर को भी उजागर किया है।
  • यह अध्ययन PepsiCo India ने Euromonitor International और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च (ICAR-IIMR) के सहयोग से किया। इसमें 18–50 वर्ष आयु के 1,250 लोगों को शामिल किया गया। सर्वेक्षण दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और कोच्चि में किया गया।

रिपोर्ट के निष्कर्ष 

  • अध्ययन के अनुसार लगभग 70% उत्तरदाता प्रतिदिन 41 ग्राम से कम प्रोटीन का सेवन कर रहे थे। वहीं 74% लोगों ने अपनी दैनिक प्रोटीन आवश्यकता के बारे में जागरूकता होने की बात कही, लेकिन लगभग 56% लोग आवश्यक मात्रा को सही ढंग से नहीं बता सके।
  • फाइबर के सेवन को लेकर भी स्थिति में अंतर देखा गया। लगभग 59% लोगों ने अपनी दैनिक फाइबर आवश्यकता की जानकारी होने की बात कही, लेकिन 89% लोग अनुशंसित मात्रा को सही ढंग से नहीं पहचान सके। लगभग 61% उत्तरदाताओं ने अनुशंसित मात्रा से कम फाइबर का सेवन करने की जानकारी दी।
  • अध्ययन में भोजन की लागत और उपलब्धता को भी प्रमुख बाधा बताया गया। करीब 60% लोगों ने प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों की अधिक कीमत को चुनौती माना। वहीं 57% ने सुविधाजनक और विश्वसनीय प्रोटीन विकल्पों की कमी तथा 69% ने सुविधाजनक और विश्वसनीय फाइबरयुक्त विकल्पों की अपर्याप्त उपलब्धता की बात कही।
  • प्रोटीन शरीर की वृद्धि, ऊतकों की मरम्मत, मांसपेशियों के रखरखाव और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक है। वहीं फाइबर पाचन तंत्र के स्वास्थ्य और संतुलित आहार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • अध्ययन के निष्कर्ष पोषण सुरक्षा और आहार विविधता के महत्व को रेखांकित करते हैं। हालांकि, यह अध्ययन पाँच शहरों के 1,250 शहरी लोगों पर आधारित है, इसलिए इसके आंकड़ों को पूरे भारत की आबादी में प्रोटीन की कमी का राष्ट्रीय प्रतिनिधि अनुमान नहीं माना जाना चाहिए।

MCQ Hindi

प्रश्न. ‘The State of Protein & Fibre in Urban India’ अध्ययन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इसमें पाँच भारतीय शहरों के लोगों को शामिल किया गया।
  2. अध्ययन में पोषण संबंधी जागरूकता और वास्तविक जानकारी के बीच अंतर पाया गया।
  3. अध्ययन के आंकड़े पूरे भारत में प्रोटीन की कमी का राष्ट्रीय प्रतिनिधि अनुमान हैं।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 1 और 3
D. 1, 2 और 3

उत्तर: A