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19 सितमबर 2026
PM विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे
PM विश्वकर्मा योजना ने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, सस्ता ऋण और बाजार से जोड़कर उनकी आय और उत्पादकता बढ़ाना है।
PM विश्वकर्मा योजना के तीन वर्ष पूरे
चर्चा में क्यों?
- 2023 में शुरू की गई PM विश्वकर्मा योजना ने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं और इसके तहत 30 लाख सत्यापित लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है।
- योजना का उद्देश्य 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक सहायता प्रदान करना है।
प्रमुख विशेषताएं
- यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसके लिए 2023-24 से 2027-28 तक ₹13,000 करोड़ का प्रावधान है।
- MSME मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवा विभाग मिलकर इसे लागू करते हैं।
- योजना के तीन प्रमुख आधार:
- सम्मान (Samman)
- सामर्थ्य (Samarthya)
- समृद्धि (Samriddhi)
- पात्रता: 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे कारीगर जो असंगठित क्षेत्र में पारंपरिक कार्य को स्वरोजगार के रूप में करते हैं।
- लाभार्थियों को PM विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और ID कार्ड दिया जाता है।
- प्रशिक्षण: बुनियादी और उन्नत कौशल प्रशिक्षण के साथ ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड।
- टूलकिट: आधुनिक उपकरण खरीदने के लिए ₹15,000 तक की सहायता।
- ऋण: बिना गारंटी के ₹3 लाख तक का ऋण, 5% की रियायती ब्याज दर पर दो चरणों में।
- डिजिटल लेनदेन: पात्र डिजिटल लेनदेन पर ₹1 का प्रोत्साहन, निर्धारित मासिक सीमा के साथ।
- बाजार सहायता: कारीगरों को GeM, ONDC और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के साथ व्यापार मेलों, ब्रांडिंग और पैकेजिंग में सहायता।
प्रमुख उपलब्धियां
- 30 लाख सत्यापित लाभार्थियों का पंजीकरण।
- 24.37 लाख से अधिक कारीगरों ने बुनियादी प्रशिक्षण पूरा किया।
- 18.15 लाख से अधिक आधुनिक टूलकिट वितरित।
- लगभग ₹5,300 करोड़ के 6.18 लाख से अधिक बिना गारंटी वाले ऋण स्वीकृत।
- 30,000 से अधिक कारीगर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े।
महत्व
- आर्थिक सशक्तीकरण: कौशल, ऋण और बाजार तक पहुंच बढ़ाता है।
- पारंपरिक विरासत का संरक्षण: पारंपरिक शिल्प को नई पीढ़ी के लिए आर्थिक रूप से उपयोगी बनाए रखने में मदद करता है।
- अनौपचारिक क्षेत्र का औपचारिकीकरण: कारीगरों को औपचारिक बैंकिंग और डिजिटल व्यवस्था से जोड़ता है।
- आजीविका: स्वरोजगार और टिकाऊ आय के अवसर बढ़ाता है।
- आधुनिकीकरण: पारंपरिक कौशल को आधुनिक उपकरणों, तकनीक और नए बाजारों से जोड़ता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न- PM विश्वकर्मा योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह 2023–24 से 2027–28 तक ₹13,000 करोड़ के परिव्यय वाली केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
- लाभार्थियों को 5% की रियायती ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी ऋण मिल सकता है।
- योजना में केवल कौशल प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट की सहायता दी जाती है; ऋण या बाजार से जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है।
- योजना का क्रियान्वयन केवल MSME मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 2 और 3
C. केवल 2 और 4
D. केवल 1, 3 और 4
उत्तर: A. केवल 1 और 2
व्याख्या:
- योजना का परिव्यय 2023–28 के लिए ₹13,000 करोड़ है। अतः कथन 1 सही है।
- इसके तहत 5% ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी ऋण दिया जाता है। अतः कथन 2 सही है।
- योजना में ऋण और बाजार से जोड़ने की सहायता भी प्रदान की जाती है। अतः कथन 3 गलत है।
- योजना का क्रियान्वयन MSME मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। अतः कथन 4 गलत है।
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