Current Affairs - Daily
19 अक्टूबर 2026
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2030-31 तक विस्तार
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
खबरों में क्यों?
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है।
- इसके लिए ₹53,428 करोड़ का कुल प्रावधान किया गया है।
- NSAP का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना (PMSSY) किया गया है।
- लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
NSAP के बारे में
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को हुई थी।
- इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय लागू करता है।
- यह 100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित सामाजिक सहायता कार्यक्रम है।
- इसका उद्देश्य वृद्धों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देना है।
- यह DPSP के अनुच्छेद 41 से जुड़ा है, जो राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार वृद्धावस्था, बीमारी और दिव्यांगता जैसी स्थितियों में सार्वजनिक सहायता प्रदान करने का निर्देश देता है।
प्रमुख बदलाव
- वृद्धावस्था पेंशन: IGNOAPS - प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना।
- विधवा पेंशन: IGNWPS - प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना।
- दिव्यांगजन पेंशन: IGNDPS - प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना।
- परिवार सहायता: NFBS - प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना।
दिव्यांगजन पेंशन में बदलाव
- पात्रता के लिए दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% की गई है।
- न्यूनतम आयु की शर्त हटाकर जन्म से पात्रता का प्रावधान किया गया है।
- मासिक सहायता:
- 0–79 वर्ष: ₹375
- 80 वर्ष और उससे अधिक: ₹625
- वृद्धावस्था और विधवा पेंशन तथा परिवार लाभ योजना अपने वर्तमान स्वरूप में जारी रहेंगी।
महत्व
- नए प्रावधानों से दिव्यांगजनों और अन्य कमजोर वर्गों तक सामाजिक सहायता की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- दिव्यांगता की सीमा में बदलाव Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के अनुरूप है।
- यह कार्यक्रम भारत में सामाजिक सुरक्षा और समावेशी कल्याण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
अभ्यास प्रश्न
प्र. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू किया जाता है और इसका 100% वित्तपोषण केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।
- संशोधित कार्यक्रम के तहत दिव्यांगजन पेंशन के लिए न्यूनतम 40% बेंचमार्क दिव्यांगता आवश्यक है तथा न्यूनतम आयु की शर्त समाप्त कर दी गई है।
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) मुख्य कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद प्रभावित परिवारों को नियमित मासिक पेंशन प्रदान करती है।
- यह कार्यक्रम संविधान के अनुच्छेद 41 से संबंधित है, जो राज्य को वृद्धावस्था, बीमारी और दिव्यांगता जैसी परिस्थितियों में अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सार्वजनिक सहायता प्रदान करने का निर्देश देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
A. केवल 1, 2 और 4
B. केवल 1 और 3
C. केवल 2, 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A. केवल 1, 2 और 4
व्याख्या:
- NSAP का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है और यह 100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित सामाजिक सहायता कार्यक्रम है। अतः कथन 1 सही है।
- संशोधित प्रावधानों के तहत दिव्यांगजन पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 40% है और न्यूनतम आयु की शर्त समाप्त कर दी गई है। अतः कथन 2 सही है।
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना मुख्य कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद पात्र परिवार को एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है, न कि नियमित मासिक पेंशन। अतः कथन 3 गलत है।
- अनुच्छेद 41 राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार वृद्धावस्था, बीमारी और दिव्यांगता जैसी परिस्थितियों में सार्वजनिक सहायता प्रदान करने का निर्देश देता है। अतः कथन 4 सही है।