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Current Affairs - Daily 3 अक्टूबर 2026

राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 के दिशा-निर्देश जारी

राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 को 2030-31 तक लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, जलवायु जोखिमों को कम करना और तटीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करना है।

राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0

Why in News?

  • केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 30 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 (NCM 2.0) के दिशा-निर्देश जारी किए। 
  • यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की 100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्र योजना है।, जिसके लिए ₹767 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसे 2025-26 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा। 

प्रमुख विशेषताएँ

  • मिशन में 9 तटीय राज्य और 4 केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। 
  • इसका उद्देश्य तटीय क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन, तटीय क्षरण, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक जोखिमों से निपटने के लिए अधिक सक्षम बनाना है। 
  • मैंग्रोव, प्रवाल भित्तियों और तटीय आर्द्रभूमियों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन पर जोर दिया जाएगा।
  • सतत पर्यटन, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। 
  • तटीय क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए एकीकृत तटीय क्षेत्र प्रबंधन योजनाओं और समुद्री स्थानिक नियोजन को बढ़ावा दिया जाएगा। 
  • तटीय समुदायों के लिए विविध और टिकाऊ आजीविका के अवसर विकसित किए जाएंगे। 
  • यह मिशन सतत ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देगा, जिसमें समुद्री और तटीय संसाधनों से जुड़ी आर्थिक गतिविधियाँ शामिल हैं। 
  • तटीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए क्षमता निर्माण, बेहतर योजना और निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा। 
  • NCM 2.0, पहले की राष्ट्रीय तटीय मिशन योजना (2021-22 से 2025-26) का स्थान लेगा। 

महत्व

  • भारत के तटीय क्षेत्रों पर समुद्र-स्तर में वृद्धि, तटीय क्षरण, चक्रवात और प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। 
  • राष्ट्रीय तटीय अनुसंधान केंद्र के अनुसार, 1990 से 2018 के बीच भारत की मुख्य भूमि की 33.6% तटरेखा में क्षरण दर्ज किया गया। 
  • यह मिशन तटीय संरक्षण, स्थानीय समुदायों की आजीविका और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भारत की जलवायु-सहनशीलता को मजबूत करने का प्रयास करता है।

 

पाँच प्रमुख विषयगत घटक

  1. जलवायु-लचीला नीली अर्थव्यवस्था विकास 
    1. टिकाऊ और जलवायु-अनुकूल तटीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना। 
    2. सतत पर्यटन और तटीय आजीविका को बढ़ावा देना। 
  2. तटीय भेद्यता और जोखिम में कमी
    1. तटीय क्षेत्रों की भेद्यता और जोखिम का आकलन करना। 
    2. कटाव, बाढ़ और अन्य तटीय जोखिमों को कम करना। 
  3. शमन सह-लाभों के साथ जलवायु परिवर्तन अनुकूलन 
    1. जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता बढ़ाना। 
    2. कार्बन अवशोषण और उत्सर्जन में कमी वाली गतिविधियों को बढ़ावा देना। 
  4. क्षमता निर्माण और जन-जागरूकता
    1. संस्थागत और तकनीकी क्षमता को मजबूत करना। 
    2. प्रशिक्षण, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना। 
  5. पूर्व प्रतिबद्धताएँ और परियोजना प्रबंधन 
    1. NCM 1.0 के तहत मौजूदा प्रतिबद्धताओं को पूरा करना। 
    2. परियोजनाओं की निगरानी, मूल्यांकन और प्रबंधन करना।

 

अभ्यास प्रश्न 

 

प्रश्न: राष्ट्रीय तटीय मिशन 2.0 (NCM 2.0) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. NCM 2.0 पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत 100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्रक योजना है। 
  2. इस मिशन के अंतर्गत 9 तटीय राज्य और 4 केंद्रशासित प्रदेश आते हैं। 
  3. NCM 2.0 वर्ष 2025–26 से 2030–31 तक संचालित होगा और पूर्ववर्ती राष्ट्रीय तटीय मिशन का स्थान लेगा। 
  4. यह मिशन केवल पारिस्थितिक संरक्षण पर केंद्रित है तथा तटीय आजीविका और आर्थिक गतिविधियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। 

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2, 3 और 4
(c) केवल 1 और 4
(d) केवल 1, 2 और 3

उत्तर: (d) केवल 1, 2 और 3

व्याख्या

  • NCM 2.0 पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की 100% केंद्र द्वारा वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्रक योजना है। अतः कथन 1 सही है। 
  • इस मिशन में 9 तटीय राज्य और 4 केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं। अतः कथन 2 सही है। 
  • NCM 2.0 2025–26 से 2030–31 तक लागू रहेगा और 2021–22 से 2025–26 तक संचालित पूर्ववर्ती राष्ट्रीय तटीय मिशन का स्थान लेगा। अतः कथन 3 सही है। 
  • मिशन केवल पारिस्थितिक संरक्षण तक सीमित नहीं है; इसमें सतत पर्यटन, तटीय समुदायों की आजीविका और सतत नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) को भी बढ़ावा दिया गया है। अतः कथन 4 गलत है।