Current Affairs - Daily
29 सितमबर 2026
मोढेरा सूर्य मंदिर और भारत की ऐतिहासिक विरासत
गुजरात का मोढेरा सूर्य मंदिर सूर्य देव को समर्पित 11वीं शताब्दी का प्रमुख मंदिर है। यह चालुक्य स्थापत्य, सूर्य-केंद्रित वास्तु योजना और समृद्ध मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है।
मोढेरा सूर्य मंदिर: भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
चर्चा में क्यों?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में सोमनाथ मंदिर और मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास का उल्लेख करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।
- उन्होंने 1026 ई. में महमूद गजनवी के आक्रमण के संदर्भ में सोमनाथ और मोढेरा पर हुए हमलों का उल्लेख किया।
- उन्होंने मोढेरा के भारत के पहले ‘सूर्य ग्राम’ (सौर ग्राम) के रूप में हुए परिवर्तन को रेखांकित किया।
- सौर ग्राम पहल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 में किया था।
मोढेरा सूर्य मंदिर के बारे में
- यह गुजरात के मेहसाणा जिले के मोढेरा में पुष्पावती नदी के किनारे स्थित है।
- यह सूर्य देव को समर्पित है।
- इसका निर्माण लगभग 1026–27 ई. में चालुक्य शासक भीम प्रथम के शासनकाल में हुआ।
- यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक है और वर्तमान में यहां पूजा नहीं होती।
- यह मारू-गुर्जर या चालुक्य स्थापत्य शैली का प्रमुख उदाहरण है।
- मोढेरा सूर्य मंदिर अभी UNESCO विश्व धरोहर स्थल नहीं है; इसे दिसंबर 2022 में UNESCO की अस्थायी सूची में शामिल किया गया था।
प्रमुख स्थापत्य विशेषताएँ
- मंदिर परिसर के तीन प्रमुख भाग हैं:
- गूढ़मंडप – गर्भगृह/मुख्य मंदिर का सभागार।
- सभामंडप – सभा एवं आयोजन का मंडप।
- सूर्य कुंड/कुंड – सीढ़ियों वाला जलाशय, जिसमें कई छोटे मंदिर हैं।
- मंदिर का निर्माण पूर्व-पश्चिम दिशा में किया गया है, जो सूर्य की गति से इसके संबंध को दर्शाता है
- स्तंभों और बाहरी दीवारों पर रामायण, महाभारत और कृष्ण से संबंधित दृश्य उकेरे गए हैं।
- सभामंडप में 52 स्तंभ हैं, जिन्हें परंपरागत रूप से वर्ष के 52 सप्ताहों से जोड़ा जाता है।
- विषुव (Equinox) के समय मंदिर की वास्तु योजना के कारण सूर्य की किरणें गर्भगृह तक पहुँचती हैं।
सांस्कृतिक महत्व
- गुजरात में जनवरी में आयोजित मोढेरा नृत्य महोत्सव (उत्तरार्ध महोत्सव) में भारतीय शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं।
- भारत के अन्य प्रमुख सूर्य मंदिरों में कोणार्क (ओडिशा), मार्तंड (कश्मीर), कटारमल (उत्तराखंड) और अरसावल्ली (आंध्र प्रदेश) शामिल हैं।
प्रश्न. मोढेरा सूर्य मंदिर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- मोढेरा सूर्य मंदिर का निर्माण गुर्जर-प्रतिहार शासक भीम प्रथम के शासनकाल में हुआ था और यह मारू-गुर्जर स्थापत्य शैली का प्रमुख उदाहरण है।
- मंदिर परिसर में गूढ़मंडप, सभामंडप और सूर्य कुंड नामक सीढ़ीदार जलाशय शामिल हैं।
- मंदिर की पूर्व-पश्चिम दिशा में स्थिति और इसकी स्थापत्य योजना सूर्य की गति से जुड़ी है तथा विषुव के समय सूर्य की किरणें गर्भगृह तक पहुँचती हैं।
- मोढेरा नृत्य महोत्सव, जिसे उत्तरार्ध महोत्सव भी कहा जाता है, प्रतिवर्ष जनवरी में आयोजित किया जाता है और इसमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2, 3 और 4
(c) केवल 1, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (d) केवल 2, 3 और 4
व्याख्या
- मोढेरा सूर्य मंदिर का निर्माण लगभग 1026–27 ई. में चालुक्य शासक भीम प्रथम के शासनकाल में हुआ था और यह मारू-गुर्जर स्थापत्य शैली का प्रमुख उदाहरण है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
- मंदिर परिसर में गूढ़मंडप, सभामंडप और सूर्य कुंड नामक सीढ़ीदार जलाशय शामिल हैं, जिसमें कई छोटे मंदिर भी हैं। अतः कथन 2 सही है।
- मंदिर की पूर्व-पश्चिम दिशा में स्थिति सूर्य की गति से इसके संबंध को दर्शाती है तथा इसकी वास्तु योजना विषुव के समय सूर्य की किरणों को गर्भगृह तक पहुँचने देती है। अतः कथन 3 सही है।
- मोढेरा नृत्य महोत्सव या उत्तरार्ध महोत्सव प्रत्येक वर्ष जनवरी में आयोजित होता है और इसमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं। अतः कथन 4 सही है।
More Current Affairs - Daily
- भारत निर्वाचन आयोग: संवैधानिक संरचना और तीन सदस्यीय संस्था का विकास 12 अक्ट 2026
- लोकनायक जयप्रकाश नारायण: संपूर्ण क्रांति और लोकतंत्र में योगदान 12 अक्ट 2026
- रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की पहल: काला सागर से रणनीतिक स्वायत्तता तक 12 अक्ट 2026
- जयप्रकाश नारायण: संपूर्ण क्रांति के जनक और लोकतंत्र के प्रहरी 12 अक्ट 2026