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3 अक्टूबर 2026
भारतीय मुद्रा पर महात्मा गांधी का चित्र: शुरुआत और विकास
भारतीय मुद्रा नोटों पर महात्मा गांधी के चित्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके चयन की प्रक्रिया।
चर्चा में क्यों?
- महात्मा गांधी का चित्र 1996 से भारतीय बैंक नोटों पर स्थायी रूप से दिखाई देता है, लेकिन स्वतंत्रता के तुरंत बाद मुद्रा पर उनका चित्र नहीं लगाया गया था।
- वर्तमान नोटों पर दिखाई देने वाला गांधी का चित्र 1946 में दिल्ली में ली गई एक तस्वीर से लिया गया है।
गांधी के चित्र की शुरुआत
- भारतीय नोटों पर मौजूद गांधी का चित्र 1946 में दिल्ली में ब्रिटिश राजनेता लॉर्ड फ्रेडरिक विलियम पेथिक-लॉरेंस के साथ ली गई एक तस्वीर का कट-आउट है।
- इस तस्वीर को इसलिए चुना गया क्योंकि इसमें गांधी मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे थे।
- इस तस्वीर के फोटोग्राफर और इसे चुनने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं है।
- नोट पर इस्तेमाल किया गया चित्र मूल तस्वीर का दर्पण प्रतिबिंब है।
गांधी से पहले किसका चित्र था?
- 1947 में स्वतंत्रता के बाद कुछ समय तक RBI ने ब्रिटिश काल के नोट जारी किए, जिन पर किंग जॉर्ज VI का चित्र था।
- 1949 में ₹1 के नोट के डिजाइन में बदलाव किया गया और किंग के चित्र की जगह सारनाथ के अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष लगाया गया।
- गांधी का चित्र लगाने पर भी विचार किया गया था, लेकिन अंततः राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अशोक के सिंह शीर्ष को चुना गया।
- 1950 में गणतंत्र भारत के शुरुआती ₹2, ₹5, ₹10 और ₹100 के नोटों पर अशोक स्तंभ का जलचिह्न था।
मुद्रा पर गांधी पहली बार कब आए?
- गांधी पहली बार 1969 में भारतीय मुद्रा पर दिखाई दिए।
- यह श्रृंखला उनके 100वें जन्म वर्ष के अवसर पर जारी की गई थी और इसमें गांधी के साथ सेवाग्राम आश्रम को दर्शाया गया था।
- 1987 में ₹500 के नोट पर भी गांधी का चित्र शामिल किया गया।
स्थायी रूप से कब शामिल हुए?
- 1990 के दशक में छपाई, स्कैनिंग और फोटोकॉपी जैसी तकनीकों में प्रगति के कारण नकली नोटों की समस्या को लेकर चिंता बढ़ी।
- RBI ने माना कि किसी व्यक्ति के चेहरे को सटीक रूप से दोहराना सामान्य प्रतीकों की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है।
- गांधी को उनकी व्यापक राष्ट्रीय स्वीकार्यता के कारण चुना गया।
- 1996 में ‘महात्मा गांधी सीरीज’ शुरू की गई, जिसके बाद गांधी का चित्र भारतीय बैंक नोटों की स्थायी पहचान बन गया।
- इस श्रृंखला में सुरक्षा धागा, लेटेंट इमेज और इंटैग्लियो प्रिंटिंग जैसी सुरक्षा विशेषताएँ शामिल की गईं।
- 2016 में ‘महात्मा गांधी न्यू सीरीज’ शुरू की गई, जिसमें नए डिजाइन और अतिरिक्त सुरक्षा विशेषताएँ शामिल थीं।
अन्य व्यक्तित्वों को शामिल करने की मांग
- समय-समय पर भारतीय नोटों पर अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों के चित्र लगाने के सुझाव भी दिए गए हैं।
- 2014 में रवींद्रनाथ टैगोर और ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के नाम सुझाए गए थे।
- 2022 में देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश के चित्र लगाने की मांग भी सामने आई।
- RBI के अनुसार, गांधी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्तित्व को रखने का सुझाव स्वीकार नहीं किया गया।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न. भारतीय मुद्रा नोटों पर महात्मा गांधी के चित्र के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- वर्तमान भारतीय बैंक नोटों पर दिखाई देने वाला गांधी का चित्र 1946 में दिल्ली में ली गई उस तस्वीर पर आधारित है, जिसमें गांधी लॉर्ड फ्रेडरिक विलियम पेथिक-लॉरेंस के साथ दिखाई देते हैं।
- स्वतंत्रता के बाद किंग जॉर्ज VI के चित्र के स्थान पर गांधी के चित्र पर विचार किया गया था, लेकिन प्रारंभिक भारतीय मुद्रा डिजाइनों के लिए अंततः अशोक के सिंह शीर्ष को चुना गया।
- गांधी पहली बार 1987 में ₹500 के नोट की शुरुआत के साथ भारतीय मुद्रा पर दिखाई दिए।
- 1996 में शुरू की गई महात्मा गांधी सीरीज ने गांधी के चित्र को भारतीय बैंक नोटों की स्थायी विशेषता बनाया तथा इसमें उन्नत सुरक्षा विशेषताएँ भी शामिल की गईं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1, 2 और 4
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर: (a) केवल 1, 2 और 4
व्याख्या
- वर्तमान नोटों पर गांधी का चित्र 1946 में दिल्ली में ली गई एक तस्वीर से लिया गया है, जिसमें वे लॉर्ड फ्रेडरिक विलियम पेथिक-लॉरेंस के साथ दिखाई देते हैं। अतः कथन 1 सही है।
- स्वतंत्रता के बाद किंग जॉर्ज VI के चित्र के स्थान पर गांधी का चित्र लगाने पर विचार किया गया था, लेकिन शुरुआती भारतीय मुद्रा के लिए सारनाथ के अशोक के सिंह शीर्ष को चुना गया। अतः कथन 2 सही है।
- गांधी पहली बार भारतीय मुद्रा पर 1969 में, उनके 100वें जन्म वर्ष के अवसर पर जारी विशेष सीरीज में दिखाई दिए थे। ₹500 के नोट पर उनका चित्र बाद में 1987 में आया। अतः कथन 3 गलत है।
- 1996 में महात्मा गांधी सीरीज शुरू की गई, जिसने गांधी के चित्र को भारतीय बैंक नोटों की स्थायी विशेषता बना दिया। इसमें सुरक्षा धागा, लेटेंट इमेज और इंटैग्लियो प्रिंटिंग जैसी सुरक्षा विशेषताएँ भी शामिल थीं। अतः कथन 4 सही है।
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