Current Affairs - Daily
12 अक्टूबर 2026
PARAM से PARAM Rudra तक: भारत की सुपरकंप्यूटिंग में प्रगति
भारत ने PARAM 8000 से PARAM Rudra तक सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन स्वदेशी तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग क्षमताओं को बढ़ावा दे रहा है।
चर्चा में क्यों?
भारत में सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में हुई प्रगति राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के माध्यम से उन्नत कंप्यूटिंग बुनियादी ढाँचा विकसित करने और तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाती है।
भारत में सुपरकंप्यूटिंग की प्रगति
- PARAM 8000: वर्ष 1991 में प्रस्तुत इस सुपरकंप्यूटर ने भारत की स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसकी कंप्यूटिंग क्षमता लगभग एक गीगाफ्लॉप थी।
- राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन: वर्ष 2015 में शुरू किए गए इस मिशन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) संयुक्त रूप से लागू करते हैं। इसका निर्धारित व्यय लगभग ₹4,500 करोड़ है।
- वर्तमान क्षमता: दी गई रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 तक भारत में 68 पेटाफ्लॉप की संयुक्त क्षमता वाले 40 सुपरकंप्यूटर स्थापित किए जा चुके थे।
- भविष्य का लक्ष्य: मिशन का लक्ष्य 123 पेटाफ्लॉप से अधिक की संयुक्त क्षमता वाले 50 सुपरकंप्यूटर स्थापित करना है।
स्वदेशी तकनीक
- C-DAC द्वारा विकसित रुद्र (Rudra) सर्वर श्रृंखला स्वदेशी तकनीक से सुपरकंप्यूटर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- यह मिशन स्वदेशी सिस्टम सॉफ्टवेयर, उच्च गति वाले नेटवर्क और शीतलन तकनीकों के विकास को भी बढ़ावा देता है।
- ये प्रयास आयातित कंप्यूटिंग तकनीक पर निर्भरता घटाकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करते हैं।
सुपरकंप्यूटिंग के अनुप्रयोग
- मौसम एवं आपदा प्रबंधन: मौसम पूर्वानुमान और बाढ़ की भविष्यवाणी में सुधार।
- स्वास्थ्य: दवा विकास और जीनोमिक अनुसंधान में सहायता।
- पर्यावरण: जलवायु परिवर्तन, जंगल की आग और शहरी वायु प्रदूषण का अध्ययन।
- विज्ञान एवं इंजीनियरिंग: अंतरिक्ष अनुसंधान, भूकंपीय अध्ययन और जटिल वैज्ञानिक गणनाओं में उपयोग।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता: उन्नत AI मॉडल के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना।
अनुसंधान एवं कौशल विकास
- रिपोर्ट के अनुसार, 400 से अधिक संस्थानों के 16,000 से अधिक शोधकर्ताओं को मिशन के बुनियादी ढाँचे से लाभ मिला है।
- राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों को जोड़कर सहयोग और संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा देता है।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और AI के क्षेत्र में कुशल पेशेवर तैयार करने में मदद करते हैं।
महत्व
- सुपरकंप्यूटिंग भारत की वैज्ञानिक क्षमता, नवाचार और राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान की योग्यता को मजबूत करती है। AI के साथ इसका एकीकरण कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और जलवायु अनुसंधान में उपयोगी हो सकता है तथा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान दे सकता है।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM)
- शुरुआत: वर्ष 2015; भारत की उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) क्षमता बढ़ाने हेतु केंद्रीय क्षेत्र की योजना।
- नोडल एजेंसियाँ: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)।
- कार्यान्वयन एजेंसियाँ: C-DAC, पुणे और IISc, बेंगलुरु।
- उद्देश्य: स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग तकनीक विकसित करना, वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता घटाना।
- राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN): शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों को उच्च गति का संपर्क प्रदान करता है।
- स्वदेशी तकनीक: रुद्र सर्वर PARAM Rudra सुपरकंप्यूटरों में उपयोग किए जाते हैं। त्रिनेत्र (Trinetra) स्वदेशी उच्च गति संचार नेटवर्क है।
- AIRAWAT: AI अनुसंधान, स्टार्टअप और नवाचार के लिए कंप्यूटिंग सुविधा।
- प्रमुख सुपरकंप्यूटर: PARAM Shivay (IIT-BHU, 2019), PARAM Pravega (IISc, 2022) और PARAM Rudra के तीन सिस्टम (2024)।
- अनुप्रयोग: जलवायु मॉडलिंग, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन, दवा खोज और पदार्थ विज्ञान।
- कौशल विकास: HPC प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से कुशल शोधकर्ता एवं पेशेवर तैयार करना।
उन्नत संगणन विकास केंद्र (C-DAC)
- स्थापना: वर्ष 1988
- प्रशासनिक मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)।
- प्रकृति: सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास करने वाला प्रमुख संस्थान।
- उद्देश्य: अमेरिका द्वारा भारत को उन्नत सुपरकंप्यूटर उपलब्ध कराने से इनकार किए जाने के बाद स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने के लिए इसकी स्थापना की गई।
- प्रमुख उपलब्धि: वर्ष 1991 में भारत का पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 विकसित किया।
- महत्व: C-DAC तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है तथा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और उभरती तकनीकों में अनुसंधान को आगे बढ़ाता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न. राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) तथा भारत के सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढाँचे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन की शुरुआत 2015 में हुई थी और इसका कार्यान्वयन केवल उन्नत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) द्वारा किया जाता है।
- वर्ष 2019 में IIT-BHU में स्थापित PARAM Shivay राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत स्थापित पहला सुपरकंप्यूटर था।
- त्रिनेत्र (Trinetra), C-DAC द्वारा विकसित एक स्वदेशी उच्च गति संचार नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य कंप्यूटिंग नोड्स के बीच डेटा स्थानांतरण को सुगम बनाना है।
- AIRAWAT को मुख्य रूप से राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क के माध्यम से शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को जोड़ने के लिए विकसित किया गया था।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(a) केवल 2 और 3
(b) केवल 1 और 4
(c) केवल 1, 2 और 3
(d) केवल 2, 3 और 4
सही उत्तर: (a) केवल 2 और 3
व्याख्या
- कथन 1 गलत है। राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन की शुरुआत 2015 में हुई थी, लेकिन इसका कार्यान्वयन केवल C-DAC द्वारा नहीं, बल्कि C-DAC, पुणे और IISc, बेंगलुरु द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है।
- कथन 2 सही है। PARAM Shivay को 2019 में IIT-BHU, वाराणसी में स्थापित किया गया था। यह राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत स्थापित पहला सुपरकंप्यूटर था।
- कथन 3 सही है। त्रिनेत्र C-DAC द्वारा विकसित स्वदेशी उच्च गति संचार नेटवर्क है, जो सुपरकंप्यूटिंग प्रणालियों में कंप्यूटिंग नोड्स के बीच डेटा स्थानांतरण को बेहतर बनाता है।
- कथन 4 गलत है। AIRAWAT कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कंप्यूटिंग पर केंद्रित है, जबकि राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच उच्च गति की कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
More Current Affairs - Daily
- भारत निर्वाचन आयोग: संवैधानिक संरचना और तीन सदस्यीय संस्था का विकास 12 अक्ट 2026
- लोकनायक जयप्रकाश नारायण: संपूर्ण क्रांति और लोकतंत्र में योगदान 12 अक्ट 2026
- रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की पहल: काला सागर से रणनीतिक स्वायत्तता तक 12 अक्ट 2026
- जयप्रकाश नारायण: संपूर्ण क्रांति के जनक और लोकतंत्र के प्रहरी 12 अक्ट 2026