हैदराबाद मुक्ति दिवस: 1948 में भारतीय संघ में हैदराबाद का विलय
17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह 1948 में ऑपरेशन पोलो के बाद तत्कालीन हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में एकीकरण की याद दिलाता है। 2026 में इस दिन को केंद्र सरकार ने हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में मनाया, जबकि तेलंगाना सरकार ने इसे पीपुल्स गवर्नेंस डे के रूप में मनाया।
हैदराबाद मुक्ति दिवस 2026: ऑपरेशन पोलो और भारत में विलय
- 17 सितंबर को 1948 में तत्कालीन हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में एकीकरण की स्मृति में हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने 2022 से आधिकारिक रूप से इस दिन का आयोजन शुरू किया।
- 2026 में तेलंगाना में इस दिन को अलग-अलग नामों से मनाया गया:
- केंद्र सरकार ने सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में 79वां हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाया।
- तेलंगाना सरकार ने इसे People's Governance Day के रूप में मनाया।
- इससे पहले BRS सरकार इसे National Integration Day के रूप में मनाती थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- स्वतंत्रता के समय हैदराबाद सबसे बड़ी रियासत थी और इसका शासन निजाम मीर उस्मान अली खान के हाथों में था।
- निजाम भारत में विलय के बजाय हैदराबाद को अलग रखने की कोशिश कर रहा था।
- भारत और हैदराबाद के बीच 29 नवंबर 1947 को स्टैंडस्टिल एग्रीमेंट हुआ, जिसका उद्देश्य बातचीत जारी रहने तक मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखना था।
- इसके बाद निजाम के शासन का विरोध, रजाकारों की गतिविधियां और तेलंगाना किसान संघर्ष बढ़ते गए।
ऑपरेशन पोलो
- बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद भारत ने 13 सितंबर 1948 को ऑपरेशन पोलो शुरू किया।
- इसका उद्देश्य हैदराबाद को भारतीय संघ में शामिल करना था।
- भारतीय सेना का नेतृत्व मेजर जनरल जे.एन. चौधरी ने किया।
- 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद राज्य की सेनाओं ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद सैन्य अभियान समाप्त हुआ और हैदराबाद के भारतीय संघ में एकीकरण का मार्ग साफ हुआ।
एकीकरण के बाद
- 1948 के बाद हैदराबाद एक अलग राज्य के रूप में बना रहा।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत भाषाई आधार पर इसके विभिन्न क्षेत्रों को अलग-अलग राज्यों में शामिल किया गया।
- लंबे राजनीतिक आंदोलन के बाद 2 जून 2014 को तेलंगाना अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न: हैदराबाद राज्य और उसके भारतीय संघ में एकीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1947 के स्टैंडस्टिल एग्रीमेंट का उद्देश्य एक वर्ष तक भारत और हैदराबाद के बीच मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बनाए रखना था।
- तेलंगाना किसान आंदोलन और रजाकारों की गतिविधियां हैदराबाद में बढ़ते असंतोष के प्रमुख कारकों में शामिल थीं।
- ऑपरेशन पोलो 13 सितंबर 1948 को शुरू हुआ और 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद राज्य की सेनाओं ने आत्मसमर्पण किया।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत तत्कालीन हैदराबाद राज्य का पूरा क्षेत्र आंध्र राज्य में मिला दिया गया और आंध्र प्रदेश का गठन हुआ।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A. केवल 1, 2 और 3
B. केवल 1 और 4
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A. केवल 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 1, 2 और 3 सही हैं। स्टैंडस्टिल एग्रीमेंट नवंबर 1947 में एक वर्ष के लिए हुआ था। तेलंगाना किसान संघर्ष और रजाकारों की गतिविधियों ने राजनीतिक एवं सामाजिक तनाव बढ़ाया। ऑपरेशन पोलो 13 सितंबर 1948 को शुरू हुआ और 17 सितंबर को हैदराबाद की सेनाओं के आत्मसमर्पण के साथ समाप्त हुआ। कथन 4 गलत है क्योंकि 1956 में हैदराबाद राज्य का भाषाई आधार पर पुनर्गठन किया गया; इसके तेलुगु, मराठी और कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को क्रमशः अलग-अलग राज्यों में शामिल किया गया।
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