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Current Affairs - Daily 1 अक्टूबर 2026

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड: संरक्षण और घासभूमि पारितंत्र का महत्व

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Ardeotis nigriceps) भारत के अत्यधिक संकटग्रस्त पक्षियों में से एक है। यह मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क खुले प्राकृतिक पारितंत्रों एवं घासभूमियों में पाया जाता है। राजस्थान इसका प्रमुख आवास क्षेत्र है और यह राज्य का राजकीय पक्षी है। आवास क्षरण, घासभूमियों का रूपांतरण तथा विद्युत पारेषण लाइनों से टकराव इसके प्रमुख खतरों में शामिल हैं। इसके संरक्षण के लिए आवास पुनर्स्थापन, संरक्षण प्रजनन, वैज्ञानिक निगरानी और विद्युत लाइनों से टकराव को कम करने जैसे उपाय किए जा रहे हैं।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

चर्चा में क्यों?

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB), जिसे स्थानीय रूप से गोडावण कहा जाता है, महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित नन्नज ग्रेट इंडियन बस्टर्ड अभयारण्य में आवास-पुनर्स्थापन के प्रयासों के बाद कई वर्षों के अंतराल के पश्चात पुनः अपने पारंपरिक आवास में लौट आया है। यह पहल भारत के खुले प्राकृतिक पारितंत्रों, विशेषकर घासभूमियों, के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करती है। साथ ही, यह इस धारणा को भी चुनौती देती है कि घासभूमियाँ केवल अनुपयोगी या बंजर भूमि हैं।

यह प्रजाति वर्तमान में व्यापक संरक्षण प्रयासों के केंद्र में है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड वार्षिक अद्यतन रिपोर्ट 2024–25 में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और लेसर फ्लोरिकन को भारत के अत्यधिक संकटग्रस्त पक्षियों में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में इनके संरक्षण के लिए आवास-पुनर्स्थापन, संरक्षण प्रजनन और वैज्ञानिक निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के बारे में

  • वैज्ञानिक नाम: Ardeotis nigriceps
  • सामान्य नाम: ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
  • स्थानीय नाम: गोडावण
  • IUCN स्थिति: अति संकटग्रस्त (Critically Endangered)
  • CITES: परिशिष्ट-I (Appendix I)
  • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची-I (Schedule I)
  • आवास: खुले प्राकृतिक पारितंत्र, विशेष रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क घासभूमियाँ, झाड़ियाँ तथा खुले कृषि क्षेत्र।
  • वितरण: ऐतिहासिक रूप से यह भारतीय उपमहाद्वीप के एक बड़े भू-भाग में पाया जाता था, लेकिन वर्तमान में इसका वितरण अत्यधिक सीमित और विखंडित हो गया है।
  • राज्य पक्षी: राजस्थान
  • यह दुनिया के सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है और भारत के शुष्क एवं खुले परिदृश्यों के लिए अनुकूलित है।

वर्तमान जनसंख्या स्थिति

भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 के दौरान किए गए नवीनतम परिदृश्य-स्तरीय आकलन में राजस्थान के थार परिदृश्य में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की संख्या लगभग 130 ± 21 आंकी गई। यह संख्या वर्ष 2017–18 के 128 ± 19 पक्षियों के अनुमान के लगभग समान थी। इससे इस विशेष आकलन क्षेत्र में इसकी आबादी के अपेक्षाकृत स्थिर रहने का संकेत मिलता है, हालांकि इसके आवास पर दबाव अभी भी गंभीर बना हुआ है।

WII की 2024–25 परियोजना रिपोर्ट में इसकी वैश्विक आबादी लगभग 140 पक्षियों के आसपास आंकी गई है। यह इस प्रजाति की अत्यंत सीमित वैश्विक आबादी और इसके गंभीर संरक्षण संकट को दर्शाता है।

प्रमुख खतरे

  1. ऊपरी विद्युत पारेषण लाइनों से टकराव – यह वर्तमान समय में इस प्रजाति के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।
  2. आवास का नुकसान और विखंडन – कृषि विस्तार, बुनियादी ढाँचे के विकास और भूमि-उपयोग में परिवर्तन के कारण।
  3. घासभूमियों का रूपांतरण और क्षरण।
  4. प्रजनन काल के दौरान मानवीय गतिविधियों से उत्पन्न व्यवधान।
  5. अंडों एवं चूजों की मृत्यु तथा शिकारियों द्वारा शिकार।
  6. ऐतिहासिक रूप से शिकार और अवैध शिकार।
  7. शेष प्राकृतिक आवासों में बुनियादी ढाँचे का बढ़ता विस्तार।

विद्युत लाइनें विशेष रूप से खतरनाक क्यों हैं?

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की सामने की ओर देखने की क्षमता सीमित होती है और इसका शरीर अपेक्षाकृत भारी होता है। इसके कारण उड़ान के दौरान इसके लिए ऊपरी विद्युत लाइनों को समय रहते पहचानना और उनसे बचने के लिए दिशा बदलना कठिन हो जाता है। परिणामस्वरूप, विद्युत पारेषण लाइनों से टकराव इसकी मृत्यु का कारण बन सकता है।

यह समस्या जैव विविधता संरक्षण तथा भारत की नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत पारेषण अवसंरचना की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौती का महत्वपूर्ण उदाहरण भी है।

सर्वोच्च न्यायालय और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

  • 2021: सर्वोच्च न्यायालय ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के आवासों में विद्युत लाइनों को भूमिगत करने तथा बर्ड डायवर्टर जैसे शमन उपाय अपनाने से संबंधित निर्देश दिए।
  • मार्च 2024: न्यायालय ने सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के व्यापक दृष्टिकोण पर पुनर्विचार किया और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के साथ विद्युत लाइनों के प्रबंधन की वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की।
  • दिसंबर 2025: सर्वोच्च न्यायालय ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर राजस्थान और गुजरात में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों, विद्युत लाइनों तथा संरक्षण उपायों से संबंधित आगे के निर्देश जारी किए।

संरक्षण उपाय

1. प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

राजस्थान सरकार ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड तथा उसके आवास के संरक्षण के लिए 2013 में प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड शुरू किया। डेजर्ट नेशनल पार्क परिदृश्य इस प्रजाति के संरक्षण के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

2. संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम

भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), राजस्थान वन विभाग तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम में शामिल हैं।

जून 2026 में संरक्षण प्रजनन केंद्र में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की संख्या 94 पक्षियों तक पहुँच गई। कार्यक्रम के चौथे वर्ष में 26 चूजों का जन्म हुआ। इस कार्यक्रम में प्राकृतिक प्रजनन के साथ-साथ कृत्रिम गर्भाधान और जंगली क्षेत्रों से एकत्र किए गए अंडों का भी उपयोग किया जाता है।

3. आवास पुनर्स्थापन

वर्तमान संरक्षण योजनाओं में निम्नलिखित उपायों पर जोर दिया जा रहा है:

  • घासभूमियों का पुनर्स्थापन;
  • आक्रामक खरपतवारों का उन्मूलन;
  • स्थानीय घास प्रजातियों का रोपण;
  • भोजन एवं जल की उपलब्धता का प्रबंधन;
  • चारा भूखंडों का विकास;
  • स्थानीय समुदायों की भागीदारी;
  • ग्रेट इंडियन बस्टर्ड-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना।

 

MCQ — HINDI

प्रश्न 1. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इसका वैज्ञानिक नाम  Ardeotis nigriceps है।
  2. इसे IUCN की लाल सूची में अति संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है।
  3. यह CITES के परिशिष्ट-I में सूचीबद्ध है।
  4. यह राजस्थान का राजकीय पक्षी है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 1, 2 और 3
(C) केवल 2, 3 और 4
(D) 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (D) 1, 2, 3 और 4

 

प्रश्न 2. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस प्रकार के आवास से संबंधित है?

(A) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
(B) मैंग्रोव वन
(C) शुष्क एवं अर्ध-शुष्क खुले प्राकृतिक पारितंत्र और घासभूमियाँ
(D) उच्च ऊँचाई वाले अल्पाइन घास के मैदान

उत्तर: (C) शुष्क एवं अर्ध-शुष्क खुले प्राकृतिक पारितंत्र और घासभूमियाँ

 

प्रश्न 3. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

प्रजातिसंरक्षण स्थिति
1. ग्रेट इंडियन बस्टर्डअति संकटग्रस्त
2. हिम तेंदुआसुभेद्य
3. बंगाल टाइगरसंकटग्रस्त

उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 1 और 2
(C) केवल 2 और 3
(D) 1, 2 और 3

उत्तर: (D) 1, 2 और 3