ग्लोबल साउथ में मानवाधिकारों को बढ़ावा: NHRC के 5वें ITEC कार्यक्रम का समापन
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा नई दिल्ली में ग्लोबल साउथ के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों (NHRI) के लिए 6 दिवसीय 5th ITEC कार्यकारी क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्लोबल साउथ के विकासशील देशों के बीच सहयोगात्मक संस्थागत शिक्षण और मानवाधिकारों की रक्षा को मजबूत करना है। इसमें उभरती तकनीकी चुनौतियों, ग्लोबल साउथ की एकजुटता और भारत की कूटनीतिक भूमिका पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।
ग्लोबल साउथ में मानवाधिकार सहयोग: NHRC का 5वां ITEC कार्यक्रम संपन्न
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से नई दिल्ली में ग्लोबल साउथ के राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थानों (NHRI) के लिए 6 दिवसीय 5वें भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यकारी क्षमता-निर्माण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया।
- इस कार्यक्रम में ग्लोबल साउथ के विकासशील देशों (जैसे चिली, दक्षिण अफ़्रीका, अल्जीरिया, केन्या, इंडोनेशिया और मलेशिया आदि) के 14 से 15 NHRIs के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रतिनिधियों और अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। यह पहल मानवाधिकार वकालत में दक्षिण-दक्षिण सहयोग, सहकर्मी शिक्षण (peer learning) और सामूहिक क्षमता वृद्धि के प्रति भारत की संस्थागत प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
प्रमुख विषय और चर्चा के बिंदु
- उभरती हुई तकनीकी चुनौतियाँ: यह चर्चा 'मृत्यु के बाद जीवन का अधिकार', 'भुलाए जाने का अधिकार (Right to be forgotten)' और डेटा गोपनीयता जैसे आधुनिक कानूनी मुद्दों पर केंद्रित रही।
- बदलते सामाजिक मूल्य: वैश्विक गतिशीलता और सामाजिक-आर्थिक बदलावों के चलते NHRIs को अपनी पारंपरिक जाँच प्रणालियों को उन्नत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
- मानवाधिकार की "प्रयोगशाला": NHRC भारत के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम ने NHRIs को मानवाधिकारों की "प्रयोगशाला" के रूप में वर्णित किया, जहाँ आपसी अनुभवों से सीखकर संस्थागत सुधार किए जाते हैं।
- भारत की विदेश नीति के लिए महत्व: 1964 में शुरू किए गए ITEC कार्यक्रम के जरिए भारत ग्लोबल साउथ में केवल सहायता प्रदाता के रूप में नहीं, बल्कि एक 'ज्ञान भागीदार' (knowledge partner) के रूप में उभर रहा है।
MCQ Hindi
प्रश्न : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और ITEC कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. NHRC एक सांविधिक निकाय है जिसकी स्थापना मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत की गई थी।
2. ITEC कार्यक्रम पूरी तरह से गृह मंत्रालय द्वारा प्रबंधित एक द्विपक्षीय विकास सहायता पहल है।
3. वैश्विक स्तर पर NHRIs अपनी स्वायत्तता और बहुलवाद के मानक संयुक्त राष्ट्र के 'पेरिस सिद्धांतों' (Paris Principles) से प्राप्त करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
उत्तर: (B)
स्पष्टीकरण: कथन 2 गलत है क्योंकि ITEC कार्यक्रम विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा संचालित किया जाता है, न कि गृह मंत्रालय द्वारा.
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