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Current Affairs - Daily 8 अक्टूबर 2026

अर्थ ओवरशूट डे 2026: पृथ्वी की सीमित जैव-क्षमता और बढ़ता संसाधन उपभोग

अर्थ ओवरशूट डे वह दिन है जब मानवता की वार्षिक प्राकृतिक संसाधनों की मांग पृथ्वी की उस वर्ष उन्हें पुनः उत्पन्न करने की क्षमता से अधिक हो जाती है। 2026 में यह दिन 30 जुलाई को आया।

चर्चा में क्यों?

  • ग्लोबल फुटप्रिंट नेटवर्क के अनुसार, अर्थ ओवरशूट डे 2026 30 जुलाई को आया।
  • यह वह दिन है जब किसी वर्ष में मानवता द्वारा प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिक सेवाओं की मांग, पृथ्वी द्वारा उसी वर्ष उन्हें पुनः उत्पन्न करने की क्षमता से अधिक हो जाती है।
  • 2026 में मानवता ने वर्ष के पहले 211 दिनों में अपना वार्षिक पारिस्थितिक बजट समाप्त कर लिया, जिससे शेष 154 दिन पारिस्थितिक अति-दोहन की स्थिति में रहे।

अर्थ ओवरशूट डे क्या है?

  • यह पृथ्वी द्वारा संसाधनों के पुनर्जनन और मानव द्वारा उनके उपभोग के बीच अंतर को दर्शाता है।
  • जब मानव मांग पृथ्वी की पुनर्जनन क्षमता से अधिक हो जाती है, तो इसे पारिस्थितिक घाटा कहा जाता है।
  • लगातार अधिक दोहन से:
    • वन, मत्स्य और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण होता है।
    • विशेष रूप से कार्बन डाइऑक्साइड जैसे अपशिष्ट का संचय बढ़ता है।
    • पारिस्थितिक तंत्र और भावी पीढ़ियों पर दबाव बढ़ता है।

जैव-क्षमता और पारिस्थितिक पदचिह्न

  • जैव-क्षमता (Biocapacity) से तात्पर्य किसी वर्ष में पृथ्वी की प्राकृतिक संसाधनों को पुनः उत्पन्न करने की क्षमता से है।
  • इसमें मुख्य रूप से वन, कृषि भूमि, चरागाह, मत्स्य क्षेत्र शामिल हैं।
  • पारिस्थितिक पदचिह्न (Ecological Footprint) मानवता द्वारा प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिक सेवाओं की कुल मांग को दर्शाता है।
  • इसमें भोजन, लकड़ी, फाइबर तथा कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए आवश्यक पारिस्थितिक क्षमता जैसी मांग शामिल होती है।

गणना

  • अर्थ ओवरशूट डे की गणना का मूल सूत्र है:

पृथ्वी की जैव-क्षमता ÷ मानवता का पारिस्थितिक पदचिह्न × 365 = अर्थ ओवरशूट डे

  • इसकी गणना National Footprint and Biocapacity Accounts के आधार पर की जाती है।
  • Global Footprint Network इसकी गणना करता है और हर वर्ष तिथि की घोषणा करता है।
  • तिथि की घोषणा 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस को अद्यतन आंकड़ों के आधार पर की जाती है।

उत्पत्ति और बदलती स्थिति

  • इस अवधारणा का विचार सबसे पहले न्यू इकोनॉमिक्स फाउंडेशन से जुड़े एंड्रयू सिम्स ने दिया था।
  • न्यू इकोनॉमिक्स फाउंडेशन और ग्लोबल फुटप्रिंट नेटवर्क ने 2006 में इस अभियान की शुरुआत की।
  • WWF 2007 से इस पहल के साथ सहयोग कर रहा है।
  • समय के साथ अर्थ ओवरशूट डे सामान्यतः वर्ष में पहले आता गया है, जो प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
  • 1971 में वार्षिक प्राकृतिक संसाधनों का बजट लगभग 25 दिसंबर तक चलता था, जबकि 2026 में यह 30 जुलाई तक ही समाप्त हो गया।
  • दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान उपभोग को बनाए रखने के लिए मानवता को लगभग 1.73 पृथ्वी की आवश्यकता होगी।

प्रमुख चिंताएँ

  • बढ़ती आबादी और संसाधनों का अत्यधिक उपभोग प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र पर दबाव बढ़ाता है।
  • असतत संसाधन उपयोग से प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण, प्रदूषण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, जल संकट, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक असमानता जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
  • यह स्थिति संसाधन नियोजन, विवेकपूर्ण उपभोग, नवीकरणीय संसाधनों और सतत विकास की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

देश का उदाहरण

  • होंडुरास को अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति वाले उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जहाँ 2026 में अर्थ ओवरशूट डे 27 नवंबर को आया।
  • संसाधन नियोजन और नवीकरणीय संसाधनों पर अधिक जोर पारिस्थितिक तंत्र पर दबाव कम करने में सहायक हो सकता है।

 

अभ्यास प्रश्न 

प्रश्न: अर्थ ओवरशूट डे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. अर्थ ओवरशूट डे का निर्धारण पृथ्वी की वार्षिक जैव-क्षमता और मानवता के वार्षिक पारिस्थितिक पदचिह्न की तुलना के आधार पर किया जाता है।  
  2. अर्थ ओवरशूट डे की तिथि जितनी बाद में आती है, उतना ही पहले मानवता अपना वार्षिक पारिस्थितिक बजट समाप्त कर चुकी होती है। 
  3. जैव-क्षमता में वन, कृषि भूमि, चरागाह और मत्स्य क्षेत्रों की संसाधनों को पुनः उत्पन्न करने की क्षमता शामिल है। 
  4. वैश्विक स्तर पर पारिस्थितिक घाटा और वैश्विक ओवरशूट आपस में संबंधित हैं, क्योंकि पूरी पृथ्वी किसी दूसरे ग्रह से पारिस्थितिक संसाधनों का आयात नहीं कर सकती। 

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

(a). केवल 1 और 3
(b). केवल 1, 3 और 4
(c). केवल 2 और 4
(d). 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (b) केवल 1, 3 और 4

व्याख्या

  • अर्थ ओवरशूट डे का निर्धारण पृथ्वी की जैव-क्षमता और मानवता के पारिस्थितिक पदचिह्न के बीच संबंध के आधार पर किया जाता है। अतः कथन 1 सही है। 
  • अर्थ ओवरशूट डे की तिथि जितनी पहले आती है, मानवता उतनी ही जल्दी अपना वार्षिक पारिस्थितिक बजट समाप्त कर देती है। अतः कथन 2 गलत है। 
  • जैव-क्षमता में वन, कृषि भूमि, चरागाह और मत्स्य क्षेत्रों की पुनर्जनन क्षमता शामिल होती है। अतः कथन 3 सही है। 
  • वैश्विक स्तर पर पृथ्वी के पास संसाधनों के लिए किसी अन्य ग्रह से आयात करने का विकल्प नहीं है। इसलिए वैश्विक स्तर पर पारिस्थितिक घाटा और ओवरशूट आपस में संबंधित हैं। अतः कथन 4 सही है।