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19 अक्टूबर 2026
‘डीप स्टेट’ क्या है और लोकतंत्र में इसकी भूमिका क्या है?
‘डीप स्टेट’ एक ऐसी अवधारणा है, जिसमें राज्य की औपचारिक संस्थाओं के बाहर या उनके भीतर काम करने वाले प्रभावशाली और गैर-निर्वाचित नेटवर्क द्वारा शासन को प्रभावित करने की बात कही जाती है।
‘डीप स्टेट’ क्या है?
खबरों में क्यों?
- एक रिपब्लिकन सांसद ने हाल ही में दावा किया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को वाटरगेट कांड के दौरान ‘डीप स्टेट’ ने फंसाया था।
- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने निक्सन के साथ हुए व्यवहार की तुलना डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ समान संस्थाओं द्वारा किए गए कथित प्रयासों से की।
- इन दावों ने ‘डीप स्टेट’ की अवधारणा और लोकतंत्र में गैर-निर्वाचित संस्थाओं के प्रभाव पर बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
‘डीप स्टेट’ क्या है?
- डीप स्टेट एक ऐसी अवधारणा है, जिसका प्रयोग राज्य की संस्थाओं के भीतर या उनके आसपास मौजूद शक्तिशाली और संभावित रूप से छिपे हुए नेटवर्क का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जो निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति प्रत्यक्ष रूप से जवाबदेह हुए बिना सरकारी निर्णयों को प्रभावित कर सकते हैं।
- यह आमतौर पर राज्य की शक्तिशाली संस्थाओं से जुड़ा माना जाता है, विशेष रूप से:
- सेना
- पुलिस
- खुफिया एजेंसियां
- आंतरिक सुरक्षा संगठन
- काउंटर-इंटेलिजेंस एजेंसियां
- इस अवधारणा के अनुसार, ये संस्थाएं औपचारिक सरकारी संस्थाओं के साथ-साथ अनौपचारिक नेटवर्क के माध्यम से भी काम कर सकती हैं।
अवधारणा की उत्पत्ति
- ‘डीप स्टेट’ शब्द तुर्की के “Derin Devlet” से जुड़ा है, जिसका अर्थ ‘गहरा राज्य’ है।
- यह अवधारणा 1970 के दशक में तुर्की में प्रमुख हुई, जब राज्य से जुड़े गुप्त अर्धसैनिक गतिविधियों को लेकर चिंताएं सामने आईं।
- हालांकि, यह विचार केवल तुर्की तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल कई देशों के संदर्भ में किया गया है, विशेषकर उन देशों में जहां सेना और सुरक्षा संस्थाओं का राजनीतिक प्रभाव अधिक रहा है।
अनौपचारिक नेटवर्क और राज्य
- तुर्की के संदर्भ में डीप स्टेट की चर्चा में सुरक्षा एजेंसियों, अर्धसैनिक समूहों, राजनीतिक शक्तियों और संगठित अपराध के बीच कथित संबंधों को शामिल किया गया है।
- 1996 की सुसुरलुक घटना इस बहस का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनी।
- एक सड़क दुर्घटना में एक राजनेता, पुलिस अधिकारी और वांछित अपराधी के एक साथ सामने आने से राज्य संस्थाओं और आपराधिक नेटवर्क के बीच संभावित संबंधों पर सवाल उठे।
- मिस्र में भी 2011 के विद्रोह के बाद सेना, नौकरशाही और सुरक्षा तंत्र के नागरिक शासन पर प्रभाव को समझाने के लिए ‘डीप स्टेट’ की अवधारणा का इस्तेमाल किया गया।
डीप स्टेट और सैन्य-औद्योगिक परिसर
- डीप स्टेट की अवधारणा को कई बार सैन्य-औद्योगिक परिसर (Military-Industrial Complex) से जोड़ा जाता है।
- यह विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो जाता है जब सैन्य संस्थाओं, राजनीतिक शक्ति और निजी आर्थिक हितों के बीच मजबूत संबंध स्थापित हो जाते हैं।
- इससे यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी नीतियां जनता के प्रति जवाबदेह संस्थाओं द्वारा निर्धारित की जा रही हैं या ऐसे शक्तिशाली संस्थागत और आर्थिक हितों से प्रभावित हो रही हैं, जो सीधे नागरिकों के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।
डीप स्टेट बनाम प्रशासनिक राज्य
- अमेरिका में ‘डीप स्टेट’ शब्द का इस्तेमाल विशेष रूप से डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी राजनीतिक बहसों में किया गया है।
- हालांकि, राजनीतिक वैज्ञानिक फ्रांसिस फुकुयामा का तर्क है कि अमेरिका को ‘डीप स्टेट’ के बजाय ‘प्रशासनिक राज्य (Administrative State)’ के रूप में समझना अधिक उचित है।
- प्रशासनिक राज्य में पेशेवर नौकरशाह और सरकारी एजेंसियां नीतियों को लागू करती हैं और नागरिकों को सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करती हैं।
- नौकरशाह सीधे जनता द्वारा निर्वाचित नहीं होते, लेकिन आधुनिक सरकार के संचालन के लिए निर्वाचित सरकारें उन्हें कुछ अधिकार सौंपती हैं।
लोकतांत्रिक जवाबदेही
- इसलिए मुख्य प्रश्न केवल यह नहीं है कि सरकारी अधिकारी निर्वाचित हैं या गैर-निर्वाचित।
- महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या गैर-निर्वाचित संस्थाएं पारदर्शी तरीके से काम करती हैं और संवैधानिक तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जवाबदेह रहती हैं।
- लोकतंत्र में नौकरशाही की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक जवाबदेही के बीच संतुलन आवश्यक है।
- नौकरशाही की स्वायत्तता अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से अपने कार्य करने में सक्षम बनाती है, जबकि लोकतांत्रिक जवाबदेही यह सुनिश्चित करती है कि सार्वजनिक संस्थाएं बिना किसी नियंत्रण के सत्ता का प्रयोग न करें।
महत्व
- डीप स्टेट से जुड़ी बहस निम्नलिखित विषयों के महत्व को सामने लाती है:
- पारदर्शिता
- कानून का शासन
- सुरक्षा संस्थाओं पर नागरिक नियंत्रण
- संस्थागत जवाबदेही
- शक्तियों का संतुलन एवं नियंत्रण (Checks and Balances)
- लोकतांत्रिक निगरानी
- इसलिए, डीप स्टेट को पेशेवर नौकरशाही के सामान्य कामकाज से अलग समझना आवश्यक है।
- वास्तविक चिंता तब उत्पन्न होती है जब अनौपचारिक और गुप्त नेटवर्क स्थापित संस्थागत नियंत्रण से बाहर जाकर सत्ता का प्रयोग करने लगते हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्र. ‘डीप स्टेट’ की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- डीप स्टेट की अवधारणा केवल सैन्य संस्थाओं तक सीमित है तथा इसमें खुफिया एजेंसियां, पुलिस या अनौपचारिक नेटवर्क शामिल नहीं होते।
- तुर्की का शब्द Derin Devlet डीप स्टेट की अवधारणा से जुड़ा है और राज्य से जुड़ी गुप्त अर्धसैनिक गतिविधियों की चर्चा में प्रमुख हुआ।
- प्रशासनिक राज्य और डीप स्टेट में अंतर यह है कि प्रशासनिक राज्य पेशेवर नौकरशाही संस्थाओं के माध्यम से सरकारी नीतियों को लागू करता है, जबकि डीप स्टेट सामान्य संस्थागत जवाबदेही से बाहर काम करने वाले छिपे या अनौपचारिक नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
- लोकतांत्रिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नौकरशाही की स्वायत्तता को पूरी तरह समाप्त करना आवश्यक है, ताकि गैर-निर्वाचित अधिकारियों के सभी निर्णय सीधे निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा नियंत्रित किए जा सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 2 और 3
(b) केवल 1 और 4
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) केवल 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 2 और 3
व्याख्या
- कथन 1 गलत है। डीप स्टेट केवल सेना तक सीमित नहीं है; इसमें पुलिस, खुफिया एजेंसियां, आंतरिक सुरक्षा और काउंटर-इंटेलिजेंस एजेंसियां तथा उनसे जुड़े अनौपचारिक नेटवर्क भी शामिल हो सकते हैं।
- कथन 2 सही है। Derin Devlet तुर्की का शब्द है, जो डीप स्टेट की अवधारणा से जुड़ा है और राज्य से जुड़ी गुप्त अर्धसैनिक गतिविधियों की चर्चाओं में प्रमुख हुआ।
- कथन 3 सही है। प्रशासनिक राज्य पेशेवर नौकरशाहों और सरकारी एजेंसियों के माध्यम से नीतियों को लागू करता है, जबकि डीप स्टेट गुप्त या अनौपचारिक नेटवर्क द्वारा सामान्य लोकतांत्रिक जवाबदेही से बाहर प्रभाव डालने की अवधारणा है।
- कथन 4 गलत है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नौकरशाही की स्वायत्तता को समाप्त करना आवश्यक नहीं है। इसके बजाय नौकरशाही की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक जवाबदेही के बीच संतुलन आवश्यक है।