कनाडा और यूरोपीय संघ के बीच ‘एसोसिएट मेंबर’ प्रस्ताव
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कनाडा को EU का पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनाने की संभावना पर चर्चा शुरू की है। हालांकि, यह कोई मौजूदा EU सदस्यता श्रेणी नहीं है और इसकी कानूनी रूपरेखा अभी स्पष्ट नहीं है।
कनाडा–EU ‘एसोसिएट मेंबर’ प्रस्ताव
चर्चा में क्यों?
- कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के उस प्रस्ताव का स्वागत किया है, जिसमें कनाडा को EU का पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनाने की संभावना पर चर्चा की गई है।
- यह प्रस्ताव कनाडा, यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच बदलते संबंधों की पृष्ठभूमि में आया है।
प्रमुख बिंदु
- ‘एसोसिएट मेंबर’ का दर्जा वर्तमान में EU की संधियों में मौजूद नहीं है। इसलिए इसके अधिकार और जिम्मेदारियां अभी स्पष्ट नहीं हैं।
- इसके तहत व्यापार, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, आपूर्ति शृंखला, AI, तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और आर्कटिक सुरक्षा में सहयोग बढ़ सकता है।
- CETA का आधार: EU और कनाडा के बीच पहले से Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) लागू है, जिसने वस्तुओं पर लगभग 99% टैरिफ समाप्त किए हैं।
- 2025 में EU-कनाडा वस्तु एवं सेवा व्यापार लगभग 130 अरब यूरो रहा।
- अमेरिका पर निर्भरता कम करना: कनाडा यूरोप के साथ संबंध मजबूत करके अपने व्यापारिक साझेदारों में विविधता ला सकता है।
- EU के लिए लाभ: कनाडा के महत्वपूर्ण खनिज और अन्य प्राकृतिक संसाधन यूरोप के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
- मुख्य चुनौती: नई सदस्यता व्यवस्था बनाने के लिए EU के कानूनी ढांचे में बदलाव और सभी 27 सदस्य देशों की सहमति की आवश्यकता पड़ सकती है।
- यह पहल कनाडा और EU के बीच व्यापक रणनीतिक सहयोग बढ़ाने तथा अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच अपने हितों को मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है
- महत्व: यह पहल केवल व्यापार तक सीमित संबंधों को आर्थिक और रणनीतिक सहयोग की दिशा में ले जा सकती है। हालांकि, ‘एसोसिएट मेंबर’ का वास्तविक स्वरूप और कानूनी आधार अभी तय नहीं हुआ है।
यूरोपीय संघ (EU)
- यूरोपीय संघ (EU) 27 यूरोपीय देशों का एक राजनीतिक और आर्थिक संघ है।
- यह साझा कानूनों, संस्थाओं और नीतियों के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा देता है।
- इसका विकास द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आर्थिक सहयोग के माध्यम से शांति स्थापित करने के उद्देश्य से हुआ।
- इसके प्रमुख चरणों में पेरिस, रोम, मास्ट्रिख्ट और लिस्बन की संधियाँ, तथा शेंगेन क्षेत्र और यूरो की स्थापना शामिल हैं।
- इसकी प्रमुख संस्थाओं में यूरोपीय संसद, यूरोपीय आयोग, परिषद और न्यायालय शामिल हैं।
- इसकी प्रमुख चुनौतियों में सुरक्षा खतरे, ऊर्जा लागत, धीमी आर्थिक वृद्धि, प्रवासन, बढ़ती वृद्ध आबादी, जलवायु परिवर्तन, राष्ट्रवाद और यूरोसेप्टिसिज़्म शामिल हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न. प्रस्तावित कनाडा–EU ‘एसोसिएट मेंबर’ व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- ‘एसोसिएट मेंबर’ वर्तमान में EU की संधियों के तहत औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त सदस्यता श्रेणी है।
- प्रस्तावित व्यवस्था के तहत व्यापार के अलावा महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा, प्रौद्योगिकी और आर्कटिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा सकता है।
- Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) कनाडा और EU के बीच गहरे संबंधों के लिए मौजूदा आर्थिक आधार प्रदान करता है।
- नई औपचारिक सदस्यता श्रेणी बनाने के लिए EU के सभी 27 सदस्य देशों की सहमति आवश्यक होगी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A. केवल 1 और 2
B. केवल 2 और 3
C. केवल 2, 3 और 4
D. 1, 2, 3 और 4
उत्तर: C. केवल 2, 3 और 4
व्याख्या:
- कथन 1 गलत है क्योंकि ‘एसोसिएट मेंबर’ EU संधियों में वर्तमान में मान्यता प्राप्त सदस्यता श्रेणी नहीं है।
- कथन 2 और 3 सही हैं। प्रस्तावित व्यवस्था रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकती है और CETA पहले से ही कनाडा–EU आर्थिक संबंधों का आधार है।
कथन 4 सही है क्योंकि नई औपचारिक व्यवस्था के लिए EU के सभी 27 सदस्य देशों की सहमति आवश्यक होगी।
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