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Current Affairs - Daily 19 अक्टूबर 2026

सस्ता इंटरनेट और डिजिटल अर्थव्यवस्था: उपभोक्ता हित की नई चुनौतियां

भारत में सस्ते इंटरनेट ने शिक्षा, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन खरीदारी को आसान बनाया है। लेकिन इसके साथ डिजिटल उपभोग, व्यक्तिगत डेटा के व्यावसायिक उपयोग और उपभोक्ता की निजता से जुड़े सवाल भी बढ़े हैं।

सस्ता इंटरनेट और उपभोक्ता हित

  • भारत में सस्ते इंटरनेट ने शिक्षा, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, मनोरंजन और ऑनलाइन खरीदारी को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाया है।
  • वर्ष 2016 में जियो के प्रवेश के बाद दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी और डेटा की कीमतों में कमी आई। नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान और कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा, काम तथा खरीदारी का तेजी से विस्तार हुआ।
  • 2022–23 में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अनुमानित आकार 31.64 लाख करोड़ रुपये था, जो राष्ट्रीय आय का 11.74% था।
  • डिजिटल भुगतान में भी तेजी आई। सितंबर 2026 में UPI के माध्यम से 24.07 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य लगभग 29.37 लाख करोड़ रुपये था।
  • हालांकि, डिजिटल लेनदेन में वृद्धि का अर्थ यह जरूरी नहीं है कि आम परिवार की आय या बचत भी उसी अनुपात में बढ़ी हो।
  • आसान ऑनलाइन खरीदारी, व्यक्तिगत पसंद के अनुसार दिखाए जाने वाले विज्ञापन और सीमित समय की छूट लोगों को अनावश्यक या अचानक खरीदारी के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं की खोज, खरीदारी, पसंद और विज्ञापनों पर प्रतिक्रिया जैसी जानकारी एकत्र करते हैं।
  • इससे डेटा गोपनीयता, पारदर्शिता और सहमति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उठते हैं।
  • उपभोक्ता को यह जानने का अधिकार होना चाहिए कि उसका डेटा कौन एकत्र कर रहा है, किस उद्देश्य से उपयोग कर रहा है और क्या उसे अन्य संस्थाओं के साथ साझा किया जा रहा है।
  • यह मुद्दा केवल निजता तक सीमित नहीं है। नागरिकों के डिजिटल व्यवहार से उत्पन्न डेटा का आर्थिक मूल्य भी है। इसलिए यह प्रश्न महत्वपूर्ण है कि इस मूल्य का लाभ किसे मिलता है।
  • प्रस्तावित जियो आईपीओ ने भी निवेशकों और उपभोक्ताओं के हित से जुड़े सवालों को सामने रखा है। इसका मूल्यांकन केवल कंपनी की लोकप्रियता के आधार पर नहीं, बल्कि भविष्य की कमाई, मूल्यांकन, जोखिम और पारदर्शिता के आधार पर होना चाहिए।
  • भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अगला चरण केवल अधिक लेनदेन और मुनाफे पर नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों, डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी केंद्रित होना चाहिए।

भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल समावेशन की सरकारी पहल

  • डिजिटल इंडिया
    • 2015 में शुरू किया गया।
    • इसका उद्देश्य डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।
    • डिजिटल बुनियादी ढांचे, ऑनलाइन सेवाओं और नागरिक सशक्तीकरण पर जोर। 
  • भारतनेट
    • ग्रामीण क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की प्रमुख परियोजना।
    • 2026 की शुरुआत तक 2.15 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें इससे जुड़ चुकी थीं।
    • ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क 2019 के 19.35 लाख रूट किमी से बढ़कर 2025 में 42.36 लाख रूट किमी हो गया। 
  • 5G कनेक्टिविटी
    • दिसंबर 2025 तक देश के 99.9% जिलों में 5G कवरेज पहुंच चुका था।
    • इसके लिए 5.18 लाख से अधिक बेस ट्रांसीवर स्टेशन स्थापित किए गए।
    • दूरसंचार अधिनियम, 2023 और राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन कनेक्टिविटी विस्तार को समर्थन देते हैं। 
  • सस्ता इंटरनेट
    • डेटा की कीमत 2014 में लगभग ₹269 प्रति GB से घटकर 2025–26 में लगभग ₹8–10 प्रति GB हो गई।
    • नवंबर 2025 तक ब्रॉडबैंड कनेक्शन 100 करोड़ से अधिक हो गए। 
  • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)
    • आधार, UPI और DigiLocker जैसी व्यवस्थाएं इंटरनेट को वास्तविक सार्वजनिक और वित्तीय सेवाओं से जोड़ती हैं।
    • आधार कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाता है।
    • UPI तेज और कम लागत वाले डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देता है।
    • DigiLocker सरकारी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने और साझा करने की सुविधा देता है। 
  • हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग
    • राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत 38 सुपरकंप्यूटर लगाए गए हैं।
    • इनकी संयुक्त क्षमता 44 पेटाफ्लॉप्स है।
    • इनका उपयोग AI, जलवायु मॉडलिंग, जैव-प्रौद्योगिकी और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है। 
  • PMGDISHA
    • ग्रामीण नागरिकों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने की पहल।
    • मार्च 2024 तक 6.39 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका था। 
  • DIKSHA और SWAYAM
    • DIKSHA स्कूल शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण के लिए डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराता है
    • SWAYAM ऑनलाइन पाठ्यक्रमों और प्रमाणपत्रों के माध्यम से उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाता है। 
  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
    • ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में अंतिम छोर तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का माध्यम।
    • 6.5 लाख से अधिक Village Level Entrepreneurs इन केंद्रों का संचालन करते हैं।
  • PM-WANI
    • दिसंबर 2020 में सस्ती सार्वजनिक Wi-Fi सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया
    • विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों पर ध्यान।
    • फरवरी 2026 तक 4.09 लाख से अधिक Wi-Fi हॉटस्पॉट स्थापित किए जा चुके थे। 
  • डिजिटल कौशल और नवाचार
    • अटल इनोवेशन मिशन छात्रों में नवाचार को बढ़ावा देता है।
    • FutureSkills Prime AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में कौशल विकसित करता है।
    • IndiaAI Mission AI से जुड़े बुनियादी ढांचे और कंप्यूटिंग क्षमता को मजबूत करता है।
    • Startup India उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देता है, खासकर छोटे शहरों में।

डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम, 2025

हिंदी

DPDP नियम, 2025 क्या हैं?

  • DPDP नियम, 2025, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 को लागू करने के लिए विस्तृत व्यवस्था प्रदान करते हैं।
  • इनके प्रमुख उद्देश्य हैं:
    • नागरिकों को अपने व्यक्तिगत डेटा पर अधिक नियंत्रण देना।
    • संस्थाओं द्वारा डेटा के जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करना।
    • डेटा के अनधिकृत उपयोग को रोकना।
    • डिजिटल नुकसान को कम करना और सुरक्षित डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।

प्रमुख प्रावधान

  • चरणबद्ध कार्यान्वयन
    • संस्थाओं को नियमों का पालन करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
    • Data Fiduciaries को सरल और उद्देश्य-विशिष्ट सहमति नोटिस देना होगा।
    • Consent Managers का भारत में स्थित संस्था होना आवश्यक है।
  • डेटा उल्लंघन की सूचना
    • डेटा लीक या उल्लंघन से प्रभावित लोगों को बिना अनावश्यक देरी के सूचना देनी होगी।
    • सूचना में घटना, संभावित प्रभाव, उठाए गए कदम और सहायता के लिए संपर्क विवरण शामिल होना चाहिए।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही
    • Data Fiduciaries को डेटा से संबंधित शिकायतों और प्रश्नों के लिए स्पष्ट संपर्क जानकारी देनी होगी।
    • Significant Data Fiduciaries के लिए स्वतंत्र ऑडिट और प्रभाव आकलन जैसे अतिरिक्त प्रावधान हैं।
  • डिजिटल डेटा संरक्षण बोर्ड
    • नियमों के तहत चार सदस्यों वाला डिजिटल Data Protection Board स्थापित किया जाएगा।
    • नागरिक ऑनलाइन पोर्टल और ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज और उसकी स्थिति देख सकेंगे।
    • बोर्ड के फैसलों के खिलाफ अपील TDSAT में की जा सकेगी।
  • डेटा से जुड़े नागरिकों के अधिकार
    • Data Principals को अपने डेटा को:
      • देखने,
      • सही कराने,
      • अपडेट कराने,
      • हटाने का अनुरोध करने का अधिकार होगा।
    • वे अपने अधिकारों का उपयोग करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति को नामित भी कर सकते हैं।
    • ऐसे अनुरोधों का समाधान 90 दिनों के भीतर किया जाना है।

 

डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023

अधिनियम का परिचय

  • DPDP Act, 2023 अगस्त 2023 में पारित हुआ और भारत में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
  • यह व्यक्तिगत डेटा का उपयोग करने वाली संस्थाओं की जिम्मेदारियां निर्धारित करता है।
  • अधिनियम SARAL - Simple, Accessible, Rational and Actionable दृष्टिकोण पर आधारित है, ताकि नियम सरल और आसानी से समझने योग्य रहें।

सात प्रमुख सिद्धांत

  • सहमति और पारदर्शिता
  • उद्देश्य की सीमा
  • डेटा का न्यूनतम संग्रह
  • डेटा की शुद्धता
  • डेटा भंडारण की सीमा
  • सुरक्षा उपाय
  • जवाबदेही

इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि व्यक्तिगत डेटा का उपयोग कानूनी और निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाए।

महत्वपूर्ण शब्दावली

  • Data Fiduciary: वह संस्था जो यह तय करती है कि व्यक्तिगत डेटा का उपयोग क्यों और किस प्रकार किया जाएगा।
  • Data Principal: वह व्यक्ति जिससे संबंधित व्यक्तिगत डेटा है।
    • बच्चे के मामले में इसमें माता-पिता या कानूनी अभिभावक शामिल हैं।
    • स्वतंत्र रूप से कार्य न कर सकने वाले दिव्यांग व्यक्ति के मामले में कानूनी अभिभावक शामिल है।
  • Data Processor: वह संस्था जो Data Fiduciary की ओर से व्यक्तिगत डेटा को प्रोसेस करती है।
  • Consent Manager: ऐसा मंच जिसके माध्यम से व्यक्ति अपनी सहमति दे, देख, प्रबंधित या वापस ले सकता है।
  • Data Protection Board: डेटा सुरक्षा नियमों के अनुपालन और उल्लंघनों से संबंधित मामलों की निगरानी करने वाला निकाय।
  • Appellate Tribunal: Data Protection Board के निर्णयों के विरुद्ध अपील TDSAT में की जा सकती है।

दंड

  • पर्याप्त सुरक्षा उपाय न अपनाने पर ₹250 करोड़ तक का दंड लगाया जा सकता है।
  • डेटा उल्लंघन की सूचना न देने या बच्चों से जुड़े प्रावधानों का उल्लंघन करने पर ₹200 करोड़ तक का दंड हो सकता है।
  • अन्य उल्लंघनों के लिए ₹50 करोड़ तक का दंड निर्धारित है।

DPDP और RTI

  • DPDP ढांचा निजता के अधिकार और सूचना के अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है।
  • K.S. Puttaswamy बनाम भारत संघ (2017) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने निजता को मौलिक अधिकार माना था।
  • वहीं, RTI Act की धारा 8(2) सार्वजनिक हित को अधिक महत्व होने पर सूचना के प्रकटीकरण की अनुमति देती है।
  • इस प्रकार, व्यवस्था का उद्देश्य निजता की सुरक्षा के साथ सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना है।

अभ्यास प्रश्न 

प्रश्न: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023 और नियम, 2025 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. Data Principal को अपने व्यक्तिगत डेटा को एक्सेस करने, उसमें सुधार करने और उसे हटाने का अनुरोध करने का अधिकार है। 
  2. Data Fiduciary केवल डेटा को प्रोसेस करता है, जबकि डेटा प्रोसेसिंग के उद्देश्य और साधन तय करने का अधिकार Data Processor के पास होता है। 
  3. DPDP ढांचा व्यक्तिगत डेटा के उपयोग के लिए उद्देश्य की सीमा, डेटा न्यूनतमकरण और जवाबदेही जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। 
  4. Data Protection Board के निर्णयों के विरुद्ध अपील Telecom Disputes Settlement and Appellate Tribunal (TDSAT) में की जा सकती है।

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A. केवल 1 और 2

B. केवल 1, 3 और 4

C. केवल 2, 3 और 4

D. 1, 2, 3 और 4

उत्तर: B. केवल 1, 3 और 4

व्याख्या:

  • कथन 1 सही है। Data Principal को अपने व्यक्तिगत डेटा को एक्सेस करने, उसे सही या अपडेट कराने तथा उसे हटाने का अनुरोध करने का अधिकार है। 
  • कथन 2 गलत है। Data Fiduciary यह तय करता है कि व्यक्तिगत डेटा का उद्देश्य और साधन क्या होंगे। Data Processor केवल Data Fiduciary की ओर से डेटा को प्रोसेस करता है। अतः कथन में दोनों की भूमिकाएं उलट दी गई हैं। 
  • कथन 3 सही है। DPDP ढांचा purpose limitation, data minimisation, accuracy, storage limitation, security safeguards और accountability जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। 
  • कथन 4 सही है। Data Protection Board के निर्णयों के विरुद्ध अपील TDSAT में की जा सकती है।