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Current Affairs - Daily 24 अक्टूबर 2026

AEBS क्या है? नई कारों में स्वचालित आपातकालीन ब्रेकिंग अनिवार्य करने का प्रस्ताव

सांकेतिक चित्र: सामने खड़े वाहन का पता लगाकर संभावित टक्कर रोकने के लिए स्वचालित ब्रेक लगाती AEBS से सुसज्जित कार।

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2030 से निर्मित नए यात्री कार मॉडलों में एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है।
  •  पहले से उत्पादन में मौजूद मॉडलों के लिए यह आवश्यकता 1 अक्टूबर 2032 से लागू करने का प्रस्ताव है। इसके लिए 19 अक्टूबर 2026 की मसौदा अधिसूचना में केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 में संशोधन प्रस्तावित हैं। ये समयसीमाएँ अभी प्रस्तावित हैं; इन्हें वर्तमान में सभी कारों पर लागू अनिवार्यता नहीं समझना चाहिए।

 

AEBS क्या है?

 

  • AEBS एक सक्रिय वाहन सुरक्षा तकनीक है। यह सामने संभावित टक्कर का पता लगाकर, चालक की प्रतिक्रिया अपर्याप्त होने पर स्वचालित ब्रेक लगा सकती है। 
  • इसका उद्देश्य दुर्घटना रोकना अथवा टक्कर अपरिहार्य होने पर उसकी गंभीरता कम करना है। दुर्घटना के दौरान सुरक्षा देने वाले उपकरणों के विपरीत, यह तकनीक संभावित टक्कर से पहले हस्तक्षेप करती है।

 

यह कैसे काम करता है?

 

  • यह प्रणाली कैमरा और रडार जैसी संवेदन तकनीकों से वाहन के सामने की स्थिति पर नजर रखती है। इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण करके निर्धारित करती है कि ब्रेक लगाने की आवश्यकता है या नहीं। सेंसरों का संयोजन वाहन और प्रणाली के डिजाइन के अनुसार अलग हो सकता है।
  • स्वचालित ब्रेकिंग दो स्थितियों में सहायता कर सकती है। चालक बिल्कुल ब्रेक न लगाए, तो प्रणाली स्वयं ब्रेक लगा सकती है। चालक पर्याप्त जोर से ब्रेक न लगाए, तो सहायक प्रणाली ब्रेकिंग बल बढ़ा सकती है। इन्हें क्रमशः टक्कर आसन्न होने पर स्वचालित ब्रेकिंग और डायनेमिक ब्रेक सपोर्ट के रूप में समझा जा सकता है।

 

प्रस्तावित समयसीमा

 

मसौदे में चरणबद्ध व्यवस्था प्रस्तावित है:

 

• 1 अक्टूबर 2028: AEBS से सुसज्जित M1 और N1 वाहनों को AIS-185 मानक पूरा करना होगा।

• 1 अक्टूबर 2030: नए M1 मॉडलों में AIS-185 के अनुरूप AEBS लगाना अनिवार्य होगा।

• 1 अक्टूबर 2032: उत्पादन में मौजूद सभी M1 मॉडलों तक अनिवार्यता का विस्तार होगा।

यहाँ तकनीक लगाने की अनिवार्यता और उसके तकनीकी मानक का अनुपालन अलग बातें हैं। वर्ष 2028 का प्रावधान AEBS उपलब्ध होने पर मानक पूरा करने से संबंधित है। इसका अर्थ दोनों श्रेणियों के प्रत्येक वाहन में उस तारीख से AEBS लगाना अनिवार्य होना नहीं है। इसी तरह, निर्माण संबंधी समयसीमाओं को सड़क पर चल रही प्रत्येक पुरानी कार में प्रणाली लगवाने का निर्देश नहीं समझना चाहिए।

 

AEBS और चालक सहायता

  • AEBS, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम अर्थात ADAS का एक हिस्सा है। फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग संभावित टक्कर की चेतावनी देती है, जबकि AEBS ब्रेक लगाकर हस्तक्षेप कर सकती है। एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल का कार्य सामने वाले वाहन से निर्धारित दूरी बनाए रखने के लिए गति समायोजित करना है।
  • इन सुविधाओं की मौजूदगी कार को पूर्णतः स्वचालित नहीं बनाती। चालक को सड़क, यातायात और वाहन पर लगातार ध्यान देना आवश्यक रहता है। स्टीयरिंग संभालने तथा परिस्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया देने की जिम्मेदारी चालक की होती है।

 

लाभ और सीमाएँ

  • AEBS पीछे से होने वाली टक्करों की संभावना अथवा गंभीरता कम करने में सहायक हो सकती है। कुछ प्रणालियाँ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को भी पहचानती हैं, लेकिन सभी प्रणालियों की क्षमताएँ समान नहीं होतीं। प्रभावशीलता सेंसरों, परिचालन गति और सड़क की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
  • तेज बारिश, घना कोहरा, तीव्र धूप या घुमावदार सड़कें इसके संचालन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए सुरक्षित गति और पर्याप्त दूरी बनाए रखना आवश्यक है। वाहन की निर्देश पुस्तिका से प्रणाली की क्षमताएँ तथा सीमाएँ समझनी चाहिए।

 

व्यापक नीतिगत महत्त्व

  • फरवरी 2026 के सरकारी वक्तव्य में भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए भी सुरक्षा उपाय बताए गए थे। इनमें अक्टूबर 2027 से संशोधित ट्रक ब्रेकिंग मानक, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और AEBS संबंधी आवश्यकताएँ शामिल हैं। अतिरिक्त चालक सहायता उपायों के लिए 2028 की समयसीमाएँ भी बताई गई थीं।
  • प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्वसनीय परीक्षण, स्पष्ट उपभोक्ता जानकारी, किफायती उपलब्धता और रखरखाव महत्त्वपूर्ण होंगे। ये नीतिगत आवश्यकताएँ हैं, प्रस्ताव के सुनिश्चित परिणाम नहीं। सुरक्षित सड़क डिजाइन, नियमों का पालन और जिम्मेदार वाहन संचालन के साथ यह तकनीक दुर्घटना रोकथाम को मजबूत कर सकती है।

 

MCQ - HINDI

 

Q. एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. संभावित टक्कर पर चालक प्रतिक्रिया न दे, तो AEBS स्वयं ब्रेक लगा सकती है।

2. फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग अपने आप वाहन के ब्रेक लगाती है।

3. AEBS की उपलब्धता से चालक की निरंतर निगरानी अनावश्यक हो जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1

(b) केवल 1 और 2

(c) केवल 2 और 3

(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (a)

व्याख्या: AEBS स्वयं ब्रेक लगा सकती है। फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग केवल चेतावनी देती है। AEBS आपातकालीन सहायता प्रदान करती है; सतर्क चालक की आवश्यकता बनी रहती है।